



भागलपुर में दुर्गा पूजा की धूम, अद्भुत सजावट और ऐतिहासिक थीमों से सजे पंडाल
भागलपुर में माँ दुर्गा की आराधना और भक्ति का महापर्व दुर्गा पूजा इस बार विशेष रंग-रूप और आकर्षण के साथ मनाया जा रहा है। शहर की गलियों, चौक-चौराहों और मैदानों में पूजा पंडालों की रौनक श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है। इस बार की पूजा केवल धार्मिक आस्था और भक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति, इतिहास और सामाजिक संदेशों की झलक भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है।

पूजा समितियों ने पंडालों को विविध थीम पर सजाया है। कहीं दक्षिण भारत के भव्य मंदिरों की प्रतिकृति दिखाई दे रही है, तो कहीं राजस्थान और ओडिशा की स्थापत्य कला का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। नाथनगर स्थित मनोकामना नाथ मंदिर परिसर की सजावट इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहाँ “ऑपरेशन सिंदूर” की तर्ज पर माँ दुर्गा की प्रतिमा सजाई गई है। भव्य मंच, रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक अलंकरण श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहा है। प्रतिमा के श्रृंगार में भी नयापन है, जिससे भक्त माँ के स्वरूप के दर्शन करते ही श्रद्धा से अभिभूत हो जाते हैं।

सामाजिक संदेशों को भी पूजा पंडालों में विशेष महत्व दिया गया है। कई समितियों ने स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को थीम बनाकर प्रस्तुत किया है। विशेष रूप से कुछ पंडालों में केवल बांस, कपड़े और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग कर सजावट की गई है, जिससे लोगों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया जा रहा है।

भागलपुर की दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव और सामाजिक समरसता का प्रतीक भी बन चुकी है। विभिन्न वर्गों और समाज के लोग मिलकर इस उत्सव को भव्य बनाते हैं। यही कारण है कि यहाँ की दुर्गा पूजा का आकर्षण पूरे प्रदेश में अनोखा माना जाता है।
भक्तों के चेहरे पर उमंग, सड़कों पर उमड़ती भीड़ और पंडालों में गूंजते जयकारे इस बात का प्रमाण हैं कि भागलपुर इस बार भक्ति, भव्यता और सांस्कृतिक आभा से पूरी तरह सराबोर है। आने वाले दिनों में यहाँ भीड़ और उत्साह और बढ़ने की संभावना है।














