



नवगछिया । बिहार सरकार ने ग्रामीण जनता को सुशासन और पंचायत स्तर पर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कड़ोड़ों रुपये की लागत से पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कराया। इन भवनों के माध्यम से योजनाओं का क्रियान्वयन, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और आवश्यक सेवाओं की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया था। यह भवन ग्राम पंचायतों को मजबूत आधार देने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन को जनता के करीब लाने का माध्यम भी माने गए।
लेकिन भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत सिंहपुर पश्चिम पंचायत के वार्ड संख्या 09 स्थित मौजमाबाद (बक्की) में वर्ष 2014 में निर्मित पंचायत सरकार भवन का उपयोग आज बिल्कुल विपरीत तरीके से हो रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस भवन पर स्थानीय अपराधियों और शराब माफियाओं का कब्जा है। यहां प्रत्येक शाम अपराधियों और शराबियों का जमावड़ा लगता है और यह भवन शराब भंडारण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस भवन में अपराधियों और शराब माफियाओं द्वारा बेखौफ होकर विदेशी शराब का भंडारण और खरीद-बिक्री की जाती है। निर्माण के समय इस भवन पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन उसके बाद से प्रखंड के पदाधिकारी, कर्मचारी या पंचायत के जनप्रतिनिधि कभी भी इसकी स्थिति देखने नहीं आए। विभागीय अधिकारियों ने भी भवन की कोई सुध नहीं ली। यहां तक कि भवन पर शिलापट्ट तक नहीं लगाया गया।

जानकारी के अनुसार, मौजमाबाद निवासी कुख्यात अपराधी बौका चौधरी (पिता स्वर्गीय अबध चौधरी) ने इस सरकारी भवन पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। उसने भवन के सभी कमरों में घास, भूसा और दर्जनों मवेशी रखे हैं। मवेशी पालन की आड़ में भवन के अंदर और पीछे बने पानी भरे गड्ढे में विदेशी शराब का भंडारण किया जाता है। यहीं से आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में शराब की आपूर्ति की जाती है। बताया जाता है कि यहां पिछले आठ वर्षों से बेखौफ शराब का कारोबार चल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवानीपुर थाना पुलिस और मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग इस धंधे से पूरी तरह अनजान बने हुए हैं। ग्रामीणों में डर का माहौल है, जिसके कारण वे खुलकर कुछ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
कुख्यात बौका चौधरी का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और मारपीट जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। वह शराब तस्करी के मामलों में भी दो बार जेल जा चुका है। लंबे समय से शराब के धंधे में संलिप्त रहने के बावजूद पुलिस अब तक उसे शराब के साथ पकड़ नहीं सकी है और न ही बड़ी मात्रा में शराब बरामद हो पाई है। इसके बावजूद बौका चौधरी इस क्षेत्र का बड़ा शराब कारोबारी बना हुआ है।
इस मामले पर जब नारायणपुर प्रखंड की बीडीओ खुशबू कुमारी से मोबाइल पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और कई बार कॉल काट दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बना पंचायत सरकार भवन जहां योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास की योजनाओं का केंद्र होना चाहिए था, वहीं अब अपराधियों और शराब माफियाओं का अड्डा बन चुका है। इससे न केवल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली भी कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है।












