



तीन थानों की पुलिस ने किसी तरह शांत किया माहौल
नवगछिया । नारायणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार की सुबह करीब 3 बजे अफरा-तफरी मच गई जब प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजन चिकित्सा कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। काफी मसक्कत बाद किसी तरह मामले को शांत किया गया। हंगामा की सूचना पर भवानीपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। बाद में बिहपुर सर्किल इंस्पेक्टर पवन कुमार सिंह, बिहपुर एवं झंडापुर थाना की पुलिस दलबल के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले को लेकर पूछताछ करते हुए जांच-पड़ताल की। मिली जानकारी के अनुसार भवानीपुर थाना क्षेत्र के मधुरापुर निवासी श्रवण कुमार साह की पत्नी निशा देवी उम्र 35 वर्ष को प्रसव पीड़ा होने के बाद शुक्रवार की रात्री करीब 10:30 बजे नारायणपुर पीएचसी लेकर पहुंचे जहां महिला को चिकित्सा कर्मी प्रसव कक्ष में ले गए। चिकित्साकर्मी द्वारा एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिया गया। इस दौरान महिला की टेबल पर ही प्रसव हो गया। वही इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही महिला के शरीर मे कंपन शुरू हो गया। अत्यधिक हालत बिगड़ता देख डॉक्टर ने उसे मायागंज अस्पताल भागलपुर रेफर कर दिया। जहां पहुंचने के पूर्व ही महिला की मौत हो गई। जिसके बाद परिजन महिला के शव को लेकर पीएचसी नारायणपुर आ गए और शव को अस्पताल के गेट पर रखकर गेट जाम कर दिया और हंगामा करने लगे। मृतक निशा के पति एवं घरवाले इलाज में लापरवाही का आरोप डॉक्टर, नर्स और आशा पर लगा रहे थे। घरवालों ने बताया कि निशा को गलत इंजेक्शन देने के बाद हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत यही पर हो गई थी लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल से मायागंज भागलपुर जबरन एम्बुलेंस पर लादकर भेज दिया। जहां डॉक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कह रहे थे कि हालत ज्यादा खराब हो गई तो आनन-फानन में उसे रेफर किया गया लेकिन रेफर करने से पहले ही निशा की मौत हो चुकी थी।

इसके बाद भी जबरन रेफर किया गया। इससे नाराज परिजन अस्पताल में हंगामा करने लगे। इससे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पति श्रवण साह नारायणपुर में ठेला पर नाश्ता का दुकान चलाता है। मृतक निशा को तीन पुत्री व एक पुत्र है। इस संबंध में मौके पर तैनात नारायणपुर पीएचसी प्रभारी डॉ बिनोद कुमार ने बताया कि प्रसूता को इक्लेमशिया (चमकी) का शिकायत था। उसकी हालत सही थी, ऑक्सीजन लेवल और बीपी सही था लेकिन खून की कमी थी। स्थिति देखते हुए उसे भर्ती कर प्रसव कराया गया। उसे चमकी रोग था। प्रसव के कुछ देर बाद जब उसकी हालत गंभीर दिखी तो उसे रेफर कर दिया गया। उसकी मौत चमकी रोग की वजह से हुई है। वहीं भवानीपुर थानाध्यक्ष पुनि महेश कुमार ने बताया कि मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल किया गया है। महिला के शव को पोस्टमार्टम के बाद परीजन को सौंप दिया गया। आवेदन मिलने पर आवश्यक कार्रवाई होगी।















