


भागलपुर में महागठबंधन की ओर से शुक्रवार को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया। स्टेशन चौक से समाहरणालय गेट तक आक्रोशपूर्ण जुलूस निकाला गया, जहां उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य एवं उनके पति गिरधारी लाल साहू का पुतला दहन कर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। यह प्रदर्शन बिहार की महिलाओं और बेटियों को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के खिलाफ किया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने एक सार्वजनिक मंच से यह टिप्पणी की थी कि “बिहार में 20–25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं।” महागठबंधन नेताओं ने इसे बिहार की महिलाओं और बेटियों का घोर अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की।
इस बयान के सामने आने के बाद बिहार में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। हालांकि, विवाद बढ़ने पर गिरधारी लाल साहू ने सफाई देते हुए कहा है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है। इसके बावजूद महागठबंधन नेताओं का कहना है कि यह बयान न केवल शर्मनाक है, बल्कि महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला भी है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता दल के भागलपुर जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव, महिला जिला अध्यक्ष सीमा जयसवाल, जद(यू) नेता जेड हसन, वीआईपी पार्टी की नेत्री अपर्णा, राबिया खातून सहित बड़ी संख्या में महागठबंधन के कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और बिहार की महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को सख्त सजा मिले।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और यह संघर्ष पूरे राज्य स्तर पर फैलाया जाएगा ।












