


भागलपुर। शहर में यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा बस स्टैंड को एक स्थान से हटाकर बाइपास स्थित रिक्शाडीह में स्थानांतरित किया गया था। प्रशासन की ओर से यहां यात्रियों और बस संचालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन स्थानांतरण के बाद सुविधाएं मिलने के बजाय अब अवैध वसूली का मामला सामने आया है।

बस मालिकों और चालकों का आरोप है कि रिक्शाडीह स्थित बस स्टैंड पर दबंग तत्वों द्वारा खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक बस से हर ट्रिप पर दिन में 150 रुपये और रात में 300 रुपये जबरन वसूले जा रहे हैं। बस मालिकों का कहना है कि रुपये नहीं देने पर बस चालकों को धमकाया जाता है और परिचालन में बाधा उत्पन्न की जाती है।

बस संचालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस अवैध वसूली के पीछे स्थानीय दबंगों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की मिलीभगत की आशंका है, जिसके कारण वे लंबे समय से भय के माहौल में बसों का संचालन करने को मजबूर हैं। बस मालिकों के अनुसार, इस तरह की वसूली से न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर मामले को लेकर बस मालिकों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को भागलपुर के उप विकास आयुक्त से मिला और उन्हें अवैध वसूली से संबंधित शिकायत से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने लिखित आवेदन सौंपते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बस मालिकों का कहना है कि उप विकास आयुक्त ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब बस संचालकों को प्रशासन से उम्मीद है कि शीघ्र ही अवैध वसूली पर रोक लगेगी और बस स्टैंड पर सुरक्षित व व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित किया जाएगा।













