



भागलपुर तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के तत्वावधान में सबौर महाविद्यालय, सबौर में आयोजित दो दिवसीय अंतर महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता 2025-26 (महिला एवं पुरुष वर्ग) का समापन समारोह आज भव्य रूप से संपन्न हुआ।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में टीएनबी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. दीपो महतो, सबौर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. नाज प्रवीण, टीएनबी महाविद्यालय एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. राजीव सिंह, वर्सर डॉ. राकेश रंजन एवं क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रो. डॉ. दीपो महतो ने कहा कि शिक्षक वही होता है जो बच्चों की प्रतिभा को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना ही सच्चे शिक्षक की पहचान है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की मेहनत और खेल भावना की सराहना की।
सबौर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. नाज प्रवीण ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि समापन समारोह में उनकी उपस्थिति से महाविद्यालय की गरिमा बढ़ी है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

टीएनबी महाविद्यालय एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि खेल हमें आपस में जोड़ता है। प्रतियोगिता में भले ही मुकाबला होता है, लेकिन इससे आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ता है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में कुल पांच महाविद्यालयों के 32 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता परिणाम
पुरुष वर्ग
प्रथम : टीएनबी महाविद्यालय
द्वितीय : सबौर महाविद्यालय, सबौर
तृतीय : बी.एन. कॉलेज
महिला वर्ग
प्रथम : टीएनबी महाविद्यालय
द्वितीय : सुंदरवती महिला महाविद्यालय
तृतीय : बी.एन. महाविद्यालय
बोर्ड प्राइज चयन

पुरुष वर्ग: रोहित, गौरव, आशीष, अमरेश, मिस्टर राज, विवेक
महिला वर्ग: श्रुति, खुशी, सुरभि, आराध्या, परी, शिखा
बोर्ड प्राइज के लिए चयनित खिलाड़ी आगामी अंतर विश्वविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस अवसर पर डॉ. मनिलाल पासवान, डॉ. कुमार नित्य गोपाल, डॉ. नीरज कुमार सिन्हा, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. गोविन्द सरकार, डॉ. शशिमाला, रेफरी अंकित कुमार मिश्रा सहित कई शिक्षक, कर्मी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. कुमार गौरव ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राकेश रंजन ने प्रस्तुत किया।













