



नवगछिया अनुमंडल के रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार की देर रात एनएच-31 पर स्थित मदरौनी चौक से कुछ दूरी पर महंत स्थान के समीप अज्ञात अपराधियों ने एक 36 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान रंगरा थाना क्षेत्र के सहौरा निवासी रामदेव रजक के 36 वर्षीय पुत्र छोटू रजक के रूप में की गई है।
बताया जा रहा है कि अपराधियों ने मृतक छोटू रजक की हत्या उसके घर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर की। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई, तो सहौरा सहित आसपास के गांवों में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्रित हो गए।
इसकी सूचना तत्काल रंगरा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही रंगरा थाना अध्यक्ष आशीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल पर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने लगी, तो मृतक के परिजन एवं स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया।

लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस परेशान हो उठी। स्थिति को बिगड़ता देख नवगछिया एसपी के निर्देश पर नवगछिया एसडीपीओ ओम प्रकाश, नवगछिया थाना अध्यक्ष रवि शंकर कुमार सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। परंतु लोग मानने को तैयार नहीं थे। परिजनों की मांग थी कि जब तक डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को मौके पर नहीं बुलाया जाएगा, तब तक शव को नहीं उठाने दिया जाएगा। साथ ही परिजन मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग भी कर रहे थे।
लगभग 11 बजे डॉग स्क्वायड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। खोजी कुत्ता घटनास्थल से सूंघते-सूंघते आरोपी उदय सिंह के घर गया और वहां से मक्के के खेत की ओर निकल गया। जांच पूर्ण होने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
पत्नी आरोपियों का नाम लेकर चीखती चिल्लाती रही
घटनास्थल पर मृतक की पत्नी बेबी देवी, उसकी बहन, मां-पिता रामदेव रजक सहित परिवार के दर्जनों सदस्य रो-रो कर बेहाल थे। मृतक के छोटे-छोटे बच्चे रह-रहकर बदहवास और बेहोश हो रहे थे। पत्नी बार-बार चिख-चिख कर कह रही थी—
“उदैया आरू कैला ने बुलाया कय हमरौ पति कै मारी देलकय हो बाबू, अबय हमारा परिवार कय के देखतै हो बाबू?”
घटना के संबंध में मृतक के बड़े भाई मनोज रजक ने बताया कि गुरुवार शाम छोटू मजदूरी करके घर लौटा था। रात लगभग 9 बजे जब वह खाना खा रहा था, तभी गांव के ही उदय सिंह घर आया और छोटू को कहीं चलने को कहा। इस पर मैंने छोटू से पूछा कि कहां जा रहे हो, तो उसने कहा— “कहीं नहीं, बगल से अभी लौट आते हैं।”

इसके बाद वह घर से चला गया, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। हमें लगा कि कुछ देर बाद लौट आएगा, इसलिए हम सोने चले गए। सुबह अचानक गांव में हल्ला मचा कि महंथ स्थान के पास छोटू की गला रेतकर हत्या कर दी गई है।
मजदूरी कर चलाता था परिवार
बताया जा रहा है कि मृतक छोटू रजक पूर्णिया, कुर्सेला एवं काढागोला में रेक पॉइंट पर मजदूरी करता था। जब बाहर काम नहीं मिलता था, तो वह गांव में ही मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मृतक के पांच छोटे बच्चे हैं— तीन बेटियां और दो बेटे।
इस जघन्य घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए छानबीन में जुटी हुई है।













