



भागलपुर। सावन के दूसरे सोमवारी को अजगैबीनाथ धाम में लाखों शिव भक्तों और कांवरियों ने उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाई। बिहार, झारखंड, नेपाल, छत्तीसगढ़, जयपुर, बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा जल लिया और बाबा भोलेनाथ के मंदिर में जल चढ़ाने के लिए आस्था के साथ यात्रा शुरू की।

सुबह से ही शहर में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी। अजगैबीनाथ धाम में भारी संख्या में कांवरियों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई और फिर गंगा जल लेकर स्थानीय पंडितों से संकल्प करके पूजा अर्चना की। इसके बाद कांवरियों ने 105 किलोमीटर लंबी यात्रा शुरू की, जो देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम तक जाएगी। यह यात्रा श्रद्धालुओं द्वारा बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए की जाती है, और ऐसी मान्यता है कि सावन माह में इस श्रद्धा के साथ जल चढ़ाने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

शहर में लाखों भक्तों की भीड़ और श्रद्धा का आलम ऐसा था कि अजगैबीनाथ नगर पूरी तरह से कैसरीया रंग से पटा हुआ था, और शहर में जगह-जगह जाम की स्थिति भी बनी रही। कांवरियों के इस उत्साह और भक्ति ने पूरे शहर को महादेव के जयकारों से गूंज उठाया।
यह दिन अजगैबीनाथ धाम और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक विशेष धार्मिक आयोजन बनकर उभरा, जिसमें लोगों ने अपने विश्वास और श्रद्धा को एकत्रित किया।













