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नवगछिया : गुरु बिना ज्ञान कहां, उसके बिना जीवन सुनसान। गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो इंसान को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। शिक्षक ही वह शख्सियत हैं जो न सिर्फ शिक्षा देते हैं बल्कि इंसानियत और सफलता की राह भी दिखाते हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर हम बात कर रहे हैं एक ऐसे गुरु की, जिन्होंने अपनी कला से न सिर्फ विद्यालय में बल्कि समाज में भी अलग पहचान बनाई है।

नवगछिया अनुमंडल स्थित रामधारी इंटर स्तरीय तेतरी पकरा उत्क्रमित विद्यालय के संगीत शिक्षक आकाश कुमार मिश्रा अपने गायन और वादन कला से विद्यालय में नई अलख जगा रहे हैं। वे न सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देते हैं बल्कि उन छात्रों को भी खासतौर पर संगीत सिखा रहे हैं जो पढ़ाई में कमजोर हैं। संगीत के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास हो रहा है।

संगीत शिक्षक आकाश कुमार मिश्रा ने बताया कि बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी रुचि रही। परिवार का माहौल भी संगीत से जुड़ा हुआ था। इसी जुनून के कारण उन्होंने बनारस संगीत विद्यालय और भागलपुर विश्वविद्यालय से संगीत की डिग्री प्राप्त की। बनारस में दस वर्षों तक कठिन साधना कर उन्होंने गायन और वाद्य यंत्रों की शिक्षा ली।

उन्होंने बताया कि विद्यालय में 12वीं कक्षा तक संगीत की शिक्षा दी जाती है, लेकिन जो छात्र-छात्राएं नौवीं से ही संगीत में रुचि दिखाते हैं, उन्हें भी विशेष रूप से संगीत की तालीम दी जा रही है। उनका मानना है कि संगीत की पढ़ाई न केवल करियर के लिए बेहतर विकल्प है बल्कि यह अध्यात्म से जुड़ाव भी कराता है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुभेंदु कुमार ने बताया कि पहले छात्र केवल पढ़ाई पर ध्यान देते थे, लेकिन अब संगीत में भी उनकी गहरी रुचि देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि आकाश मिश्रा के मार्गदर्शन में विद्यालय के छात्र-छात्राएं नई दिशा और नई पहचान बना रहे हैं।

इस तरह शिक्षक दिवस पर संगीत शिक्षक आकाश कुमार मिश्रा की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि गुरु केवल पाठ्यपुस्तक का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की कला और आत्मिक उन्नति की राह भी दिखाते हैं।

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