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नरकटिया में श्रीमद्भागवत महापुराण का भव्य समापन, मांगन बाबा ने श्रीकृष्ण की लीलाओं से कराया भाव-विभोर ||GS NEWS

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नवगछिया : बिहपुर प्रखंड के नरकटिया गांव में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य समापन मंगलवार को हुआ। इस मौके पर कथाव्यास वैष्णव पुरुषोत्तम रामानुज दास (मांगन बाबा) ने श्रीकृष्ण की अनुपम लीलाओं का दिव्य वर्णन करते हुए कहा कि यह कथा भक्तों के हृदय में भक्ति और प्रेम की भावना जाग्रत करती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुदामा चरित्र से मित्रता की मर्यादा, परीक्षित मोक्ष प्रसंग से मोक्ष का मार्ग और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जीवन को धर्म, प्रेम और भक्ति से जोड़ती है। बाल्य लीलाओं जैसे पूतना वध, शकटासुर वध, माखन चोरी, गौचारण, रुक्मिणी विवाह, 16,108 विवाह प्रसंग, द्वारिका लीला, शुकदेव विदाई व सम्राट परीक्षित महाप्रयाण जैसे प्रसंगों का विस्तृत वर्णन कर श्रद्धालुओं को […]

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नरकटिया में चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण के 5वें दिन भगवान श्रीकृष्ण बाल लीला का वर्णन ||GS NEWS

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कृष्ण जन्म कि कथा, झांकी, समुद्र मंथन, सूर्य वंश, श्रीराम कथा का विस्तृत वर्णन नवगछिया । बिहपुर प्रखंड के नरकटिया में चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण के पंचम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य बाल लीला का वर्णन किया। कथाब्यास मांगन बाबा ने कहा कि भागवत महापुराण में भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण एवं बाल लीला विलक्षण हैं। प्रभु भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिए। यह तिथि उसी शुभ घड़ी की याद दिलाती है और सारे देश में बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज्य करता था। उसके आततायी […]

नरकटिया में श्रीमद भागवत कथा: संत मांगन महाराज ने किया सृष्टि रहस्यों का विस्तृत वर्णन ||GS NEWS

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नवगछिया के बिहपुर प्रखंड के नरकटिया गांव में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन संत मांगन महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत महापुराण की विविध कथाओं का श्रवण कराया। उन्होंने कर्दम और देवहूति संवाद, कपिल मुनि का उपदेश, शिव-सती संवाद, ध्रुव और जड़भरत के चरित्र, तथा 28 प्रकार के नरकों की कथा विस्तार से सुनाई। संत ने 14 लोकों के स्वरूप, महात्मा विदुर के चरित्र, वराह अवतार, सती चरित्र और श्री पृथु स्तुति जैसे अनेक प्रसंगों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने सृष्टि के आरंभ की व्याख्या करते हुए शुकदेव और परीक्षित के मिलन की कथा तथा सृष्टि विस्तार का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मनु और शतरूपा से ही मानव सृष्टि की उत्पत्ति हुई, इसीलिए हमें “मनुष्य” कहा जाता […]