



नवगछिया : शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाने का माध्यम भी है। इसी उद्देश्य से तेजस्वी पब्लिक स्कूल, गोसाईंगांव (14 नंबर तेतरी रोड) ने मंगलवार को बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विद्यालय में हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड दल का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर विद्यालय के संचालक सह प्रधानाचार्य सी. पी. एन. चौधरी, निदेशिका अधिवक्ता रीता कुमारी, प्रबंधक नितिन कुमार सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और राष्ट्रगान से हुई। स्काउट ड्रेस में सजे बच्चों ने अनुशासनबद्ध पंक्तियों में मार्च-पास्ट किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत ने सभी का मन मोह लिया और विद्यालय परिसर देशप्रेम की भावना से गूंज उठा।
प्रधानाचार्य सी. पी. एन. चौधरी ने कहा कि स्काउट एंड गाइड केवल एक संगठन नहीं, बल्कि यह जीवन की सच्ची शिक्षा देने वाला आंदोलन है। इसके माध्यम से विद्यार्थी आत्मनिर्भर, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। उन्होंने इसे बच्चों के समग्र विकास की दिशा में विद्यालय की एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

निदेशिका रीता कुमारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं, बल्कि समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। स्काउट एंड गाइड बच्चों को समाजसेवा, सहयोग और नेतृत्व का पाठ सिखाता है।
प्रबंधक नितिन कुमार ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि सेवा ही सर्वोत्तम धर्म है। उन्होंने बच्चों को संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

शिक्षकों ने बच्चों को स्काउट एंड गाइड की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों की जानकारी दी। बच्चों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे ईश्वर और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करेंगे, हर समय दूसरों की सहायता करेंगे और स्काउट नियमों का पालन करेंगे। इसके बाद समूह गतिविधियों और अनुशासन प्रदर्शन ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया।
विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। एक छात्रा ने कहा कि स्काउट-गाइड से उसे जिम्मेदारी और सेवा की शिक्षा मिलेगी, वहीं एक छात्र ने कहा कि यह हमें किताबों से परे जीवन की असली शिक्षा देता है।
वक्ताओं ने स्काउट एंड गाइड आंदोलन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत 1907 में इंग्लैंड से हुई और भारत में यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास का सशक्त माध्यम बना।
विद्यालय परिवार ने भविष्य में नियमित प्रशिक्षण शिविर, कैम्प, ट्रैकिंग, सामाजिक सेवा कार्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।
समापन स्काउट गीत और राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति और सेवा की भावना से सराबोर हो गया। उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की और इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।












