



नवगछिया । बिहार विधानसभा के सदन में बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक इंजीनियर शैलेंद्र द्वारा उठाए गए तारांकित प्रश्न के जवाब में राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मुख्य सड़क से विद्यालय तक रास्ता उपलब्ध कराने को लेकर ठोस कार्रवाई का निर्देश दिया है।
विधायक इं. शैलेंद्र ने सदन में बिहपुर प्रखंड के अमरपुर गांव स्थित रास्ताविहीन उत्क्रमित मध्य विद्यालय का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि विद्यालय से मुख्य सड़क की दूरी लगभग 600 मीटर है और बच्चों को मात्र तीन फीट चौड़ी पगडंडी से होकर विद्यालय आना-जाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि इस संबंध में बिहपुर अंचलाधिकारी को जिला कार्यालय के पत्रांक 386, दिनांक 30 जनवरी 2026 के माध्यम से मुख्य सड़क से विद्यालय तक रास्ता उपलब्ध कराने के लिए भूमि चिन्हित करने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

इसी क्रम में विधायक ने खरीक प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय, गोटखरीक तक आने-जाने के लिए भी आम रास्ता नहीं होने की समस्या सदन में रखी। उन्होंने कहा कि विद्यालय तक पहुंचने में बच्चों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर की रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय से मुख्य सड़क की दूरी लगभग 500 मीटर है और बीच में निजी बगीचे से होकर तीन फीट की पगडंडी से बच्चे विद्यालय जाते हैं। इस मामले में भी खरीक अंचलाधिकारी को जिला कार्यालय के पत्रांक 387, दिनांक 30 जनवरी 2026 के माध्यम से मुख्य सड़क से विद्यालय तक रास्ता उपलब्ध कराने हेतु भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

विद्यालय तक सुगम आवागमन की समस्या को सरकार और शिक्षा मंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने के लिए अमरपुर और गोटखरीक गांव के रंजन उर्फ कारे चौधरी, अवधेश सनगही, अजय उर्फ माटो, संजय चौधरी, मेहता सच्चितानंद, प्रो. गौतम, कन्हैया झा, नीतेश चौधरी, कमलरंजन सहित अन्य ग्रामीणों ने विधायक इं. शैलेंद्र के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही बच्चों को विद्यालय तक सुरक्षित और सुगम रास्ता उपलब्ध होगा।















