



त्रिपुरारी कुमार भारती को जिलाध्यक्ष पद से मुक्त कर पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र कुमार सिंह को दोबारा जिम्मेदारी सौंपी
नवगछिया। आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जनता दल यूनाइटेड ने नवगछिया संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए जिलाध्यक्ष पद पर फेरबदल किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने त्रिपुरारी कुमार भारती को जिलाध्यक्ष पद से मुक्त कर पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र कुमार सिंह को दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी है।

त्रिपुरारी भारती की नियुक्ति के समय उन्हें गोपालपुर विधायक गोपाल मंडल का समर्थक माना जा रहा था। लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच लगातार बढ़ रही असहमति, संगठनात्मक निष्क्रियता और समन्वय की कमी को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया।
बीरेंद्र सिंह इससे पूर्व भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और संगठनात्मक अनुभव के साथ संतुलित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनकी दोबारा नियुक्ति को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। माना जा रहा है कि जदयू ने यह बदलाव इसलिए किया है ताकि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर संगठन को सशक्त किया जा सके।
पार्टी सूत्रों की मानें तो यह फैसला नवगछिया के संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ गोपालपुर विधानसभा सीट को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान को संतुलित करने के उद्देश्य से लिया गया है। त्रिपुरारी भारती को हटाना कहीं न कहीं विधायक गोपाल मंडल की पकड़ को भी चुनौती देने वाला कदम माना जा रहा है।
गोपालपुर सीट पर पूर्व सांसद बुलो मंडल और महिला नेता अर्पणा कुमारी जैसे नेताओं की सक्रियता और संभावनाओं को देखते हुए पार्टी नए समीकरण की ओर बढ़ती दिख रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जदयू इस सीट से किस चेहरे पर भरोसा जताती है।
बीरेंद्र सिंह की वापसी के साथ यह संकेत साफ है कि जदयू नेतृत्व अब केवल पहचान या राजनीतिक समीकरणों के आधार पर नहीं, बल्कि ज़मीनी पकड़ और संगठनात्मक दक्षता के आधार पर जिम्मेदारियां सौंप रहा है। आने वाले दिनों में यह बदलाव पार्टी के भीतर नई दिशा और ऊर्जा का संचार कर सकता है।














