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नवगछिया। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के तत्वाधान में जलज परियोजना के अंतर्गत विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर श्रीपुर अमघट्टा ग्राम में पक्षी अवलोकन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जलज परियोजना के सहायक समन्वयक राहुल कुमार राज ने बताया कि गरुड़ का अभ्यारण क्षेत्र कदवा पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र विश्व का तीसरा और भारत का दूसरा अभ्यारण क्षेत्र है। यहाँ देश एवं विदेश से पर्यटकों के आने की संभावना अधिक है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने इसके संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

राहुल कुमार राज ने विश्व पर्यटन दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यटन किसी भी देश की समृद्धि का प्रतीक हो सकता है। यह न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से लोगों को प्रभावित करता है, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने में सहायक होता है। इसी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक योगदान के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है।

उन्होंने आगे कहा कि पर्यटन केवल यात्रा और मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास में भी योगदान दिया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और गरुड़ संरक्षण के लिए शपथ भी ली।

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