



भागलपुर। भागलपुर जिला विधिज्ञ संघ परिसर में चल रहे अधिवक्ताओं के भवन निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी को लेकर सोमवार को जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष वीरेश मिश्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में स्थिति स्पष्ट करते हुए निर्माण कार्य में हो रही बाधाओं पर कड़ा ऐतराज जताया।
इस अवसर पर उनके साथ संघ के महासचिव अंजनी कुमार दुबे भी मौजूद थे। अध्यक्ष वीरेश मिश्रा ने कहा कि संघ के अधिवक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, उनकी गाढ़ी कमाई और संघ की निधि से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है, ताकि अधिवक्ताओं को बैठने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भागलपुर में जिला विधिज्ञ संघ के अतिरिक्त कोई मान्य वैकल्पिक विधिज्ञ संघ नहीं है, इसलिए ‘जिला विधिज्ञ संघ बचाओ संघर्ष समिति’ द्वारा निर्माण कार्य में आपत्ति जताना और उसमें बाधा डालना अनुचित है। इसे उन्होंने कुछ लोगों की नासमझी और भ्रामक प्रचार बताया।
वहीं निर्माण कार्य में हो रही बाधा को लेकर अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सीमा का उल्लंघन किया गया तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संघ के नाम पर कोई भी भ्रामक समूह यदि निर्माण कार्य में हस्तक्षेप करेगा तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।

गौरतलब है कि भवन निर्माण कार्य को लेकर एसडीओ भागलपुर द्वारा वर्तमान में काम को रोकने का निर्देश जारी किया गया है और कहा गया है कि जब तक मामला स्पष्ट रूप से निपट नहीं जाता, तब तक कार्य रोका जाए। इस संदर्भ में अध्यक्ष वीरेश मिश्रा ने कहा कि संघ कानूनी दायरे में रहकर हर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगा, लेकिन संघ की ज़मीन पर अधिवक्ताओं के हित में हो रहे कार्य में अवांछित हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में नहीं की जा सकती और संघ की ओर से जो कार्य किया जा रहा है, वह पारदर्शी, विधिसम्मत और पूर्णतः संघ की आवश्यकता के अनुरूप है।
इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि संघ की गरिमा के खिलाफ कोई भी गतिविधि यदि पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर रुख अपनाया जाएगा।














