



भागलपुर। बिहपुर प्रखंड अंतर्गत बिहपुर दक्षिण, सोनवर्षा पंचायत के छात्रों को अब उच्च विद्यालय में नामांकन के लिए अन्य पंचायतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पंचायत में अब तक छात्रों के लिए प्लस टू विद्यालय नहीं था, जिससे आठवीं कक्षा के बाद छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता था। हालांकि कन्या प्लस टू विद्यालय की सुविधा पंचायत में पहले से उपलब्ध थी, लेकिन उसमें केवल छात्राओं का नामांकन होता था।

इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं सत्तारूढ़ दल के सचेतक इंजीनियर शैलेंद्र ने गंभीर पहल की। मंगलवार को उन्होंने पटना में राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से मुलाकात कर मामले को रखा और एक औपचारिक आवेदन सौंपा। शिक्षा मंत्री ने त्वरित संज्ञान लेते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश जारी किया कि मध्य विद्यालय सोनवर्षा दियारा को प्रोन्नत कर प्लस टू विद्यालय बनाया जाए।

अब जल्द ही पंचायत के छात्रों के लिए प्लस टू स्तर की पढ़ाई की सुविधा उसी विद्यालय में उपलब्ध हो जाएगी। इससे स्थानीय छात्रों और उनके अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी। ज्ञात हो कि कुछ वर्ष पूर्व तक छात्र-छात्राएं कन्या उच्च विद्यालय में एक साथ पढ़ते थे, परंतु बाद में विद्यालय को केवल छात्राओं के लिए सीमित कर दिया गया था, जिससे छात्रों को नामांकन में परेशानी हो रही थी।
विधायक शैलेंद्र की इस पहल से सोनवर्षा पंचायत बिहार का पहला ऐसा पंचायत बनने जा रहा है, जहां दो प्लस टू स्कूल होंगे। इस खुशी के मौके पर ग्रामीणों में हर्ष की लहर दौड़ गई। ग्रामीण प्रतिनिधियों योगेंद्र कुंवर, प्रो. गौतम, अभय कुमार राय, चंद्रकांत चौधरी, संतोष सावर्ण आदि ने शिक्षा मंत्री और विधायक का आभार जताया है।
जैसे ही प्लस टू विद्यालय की स्वीकृति की सूचना छात्रों और अभिभावकों तक पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।














