


भागलपुर। विश्व नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज (एनटीडी) दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर परिसर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के सामुदायिक रेडियो एफएम ग्रीन सबौर के सहयोग से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, सुल्तानपुर भिट्ठी (सबौर) में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए राउंड 2026) के बारे में ग्रामीणों को जानकारी देना और उन्हें जागरूक करना था।
कार्यक्रम में वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरती कुमारी एवं कृति कुमारी, सामुदायिक रेडियो एफएम ग्रीन सबौर के इंचार्ज ईश्वरचंद्र, रेडियो जॉकी उमा भारती, आउटरीच अधिकारी अजय कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सबौर के प्रखंड अकाउंट मैनेजर बादल प्रसाद सिंह, वेक्टर जनित रोग सुपरवाइजर रूपेश कुमार एवं कुसुम कुमारी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की एएनएम रूपम रानी, आशा फैसिलिटेटर प्रीति आनंद, सभी आशा कार्यकर्ता और सीफार के सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट जय प्रकाश कुमार सहित लगभग 50 ग्रामीण उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामुदायिक रेडियो एफएम ग्रीन सबौर के इंचार्ज ईश्वरचंद्र ने कहा कि रेडियो शुरू से ही सबसे विश्वसनीय संचार माध्यम रहा है। उन्होंने बताया कि रेडियो के माध्यम से प्रसारित खबरें और सूचनाएं आम लोगों तक सटीक और भरोसेमंद तरीके से पहुंचती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एफएम ग्रीन सबौर ऐप को एंड्रॉयड मोबाइल पर डाउनलोड कर स्वास्थ्य और कृषि संबंधित जानकारियां सुनी जा सकती हैं।
इस अवसर पर आरती कुमारी ने मलेरिया, फाइलेरिया, राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, एमडीए राउंड 2026 और फाइलेरिया मरीजों को मिलने वाली एमएमडीपी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। वहीं कृति कुमारी ने डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार, कुष्ठ रोग सहित अन्य नेगलेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीज के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कुष्ठ जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्वास्थ्यकर्मी एवं आम लोग कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने की शपथ लेते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि वे एमडीए कार्यक्रम में दवाओं का सेवन अवश्य करें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।












