


भागलपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2024 पोर्टल के माध्यम से किए गए सर्वे में चिन्हित पात्र परिवारों के सत्यापन कार्य में लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला स्तर पर की गई समीक्षा में पाया गया कि सत्यापन कार्य हेतु नामित कुछ कर्मियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन संतोषजनक ढंग से नहीं किया, जिससे योजना के समयबद्ध एवं सुचारू क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप विकास आयुक्त, भागलपुर प्रदीप कुमार सिंह ने अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए कुल 30 पंचायत रोजगार सेवक/ग्रामीण आवास सहायकों के मूल मानदेय में 6 माह की अवधि के लिए 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक कटौती का आदेश जारी किया। ये सभी कर्मी सत्यापन कार्य में नामित चेकर के रूप में कार्यरत थे।
प्रशासन ने संबंधित कर्मियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में सत्यापन कार्य या अन्य सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में किसी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या शिथिलता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुबंध समाप्त करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
यह कदम योजना के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण परिवारों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।













