


भागलपुर नगर निगम सभागार में सोमवार को सामान्य बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर निगम के नगर आयुक्त, महापौर डॉ. वसुंधरा लाल, उप महापौर सलाउद्दीन हसन सहित सभी वार्ड के पार्षद और नगर निगम के कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक काफी हंगामेदार रही।

बैठक के दौरान महापौर वसुंधरा लाल ने नगर आयुक्त की मनमानी पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में आयोजित सामान्य बोर्ड की बैठक में नगर आयुक्त को अनुपालन प्रतिवेदन देने का आदेश दिया गया था, लेकिन अभी तक यह प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि इसे सात दिन के भीतर मुहैया कराना था।

महापौर ने स्पष्ट किया कि नगर निगम में किसी भी पदाधिकारी या कर्मचारी की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर आयुक्त को जल्द से जल्द अनुपालन प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया, ताकि सभी पार्षद उस पर विचार कर सकें।

बैठक में विकास और जल समस्या प्रमुख चर्चा के विषय रहे। सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की खामियों को नगर आयुक्त और महापौर के सामने रखा। महापौर ने पार्षदों का समर्थन करते हुए कहा कि हम सभी जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और जनता का कोई भी कार्य नहीं रुकेगा।
महापौर ने चेतावनी दी कि यदि नगर आयुक्त ने अपनी मनमानी बंद नहीं की तो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक की जाएगी।













