


भागलपुर। सावन महीने की पहली सुबह सुल्तानगंज आस्था, श्रद्धा और भक्ति के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। उत्तरवाहिनी गंगा तट से हजारों की संख्या में कांवरिए गंगाजल लेकर “बोल बम” के जयघोष के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए 105 किलोमीटर लंबी कठिन पदयात्रा पर रवाना हुए।
गंगा घाट से जल भरते ही पूरे वातावरण में हर-हर महादेव और बोल बम की गूंज सुनाई देने लगी। श्रद्धालु कांवर अपने कंधों पर उठाकर शिवभक्ति में लीन हो गए। यह यात्रा दिन-रात लगातार पैदल चलकर पूरी की जाती है। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यह यात्रा चाहे जितनी कठिन हो, लेकिन भोलेनाथ पर अटूट आस्था और विश्वास ही उन्हें हर थकावट, परेशानी और बाधा को पार करने की शक्ति देता है। कांवरियों के मुताबिक, शिवभक्ति ही उनकी सबसे बड़ी ऊर्जा है।
सावन के पूरे महीने यह धार्मिक सिलसिला चलता रहेगा, और सुल्तानगंज से हर दिन हजारों की संख्या में कांवड़िए देवघर के लिए निकलते रहेंगे। सुल्तानगंज की गलियों, घाटों और सड़कों पर भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है।
कांवड़ियों से बातचीत में उन्होंने बताया कि चाहे धूप हो या बारिश, भोलेनाथ का नाम जपते हुए वे निरंतर आगे बढ़ते हैं। शिवभक्ति ही उनका मार्गदर्शन करती है और यही उनके जीवन की सबसे बड़ी साधना है।
श्रावणी मेले के इस शुभ अवसर पर सुल्तानगंज एक बार फिर से आस्था के केंद्र में है, जहां से शिवभक्तों की यह पवित्र पदयात्रा पूरे भक्ति भाव से जारी है।












