


नवगछिया पुलिस जिले के रंगरा प्रखंड के जहांगीरपुर बैसी गांव में गुरुवार की सुबह भूमि विवाद को लेकर एक वृद्ध की हत्या कर दी गई। महज 17 धूर बसोबास जमीन के बंटवारे को लेकर यह खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें भाई और भतीजे ने मिलकर वृद्ध की दबिया से काटकर जान ले ली। मृतक की पहचान गांव निवासी 70 वर्षीय कमलेश्वरी यादव के रूप में की गई है, जो स्वर्गीय वीरो यादव के पुत्र थे।

मृतक के पुत्र हरीस कुमार ने बताया कि उनके परिवार और उनके चाचा अंबिका यादव के बीच काफी वर्षों से 17 धूर बसोबास जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। इस जमीन पर दो मंजिला मकान बना हुआ है, जिसमें दोनों परिवार साथ रहते थे। वर्ष 2021 में ही पंचायत द्वारा दोनों पक्षों के बीच जमीन का बंटवारा करवा दिया गया था और यह बंटवारा रंगरा थाना में स्टांप पर भी दर्ज किया गया था। बंटवारे में मकान वाला हिस्सा मृतक कमलेश्वरी यादव के परिवार को मिला था, लेकिन चाचा अंबिका यादव इस बंटवारे को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे और अक्सर झगड़ा करते रहते थे।

हरीस ने बताया कि चार पांच दिन पहले इसी विवाद को लेकर अंबिका यादव, उनके पुत्र गौरव यादव और पत्नी नीतू देवी ने हरीस के छोटे भाई सचिन यादव और बहन के साथ मारपीट की थी। इस मारपीट में दोनों घायल हो गए थे। इस घटना की सूचना रंगरा थाना को दी गई थी और दोनों पक्षों ने थाना में आवेदन भी दिया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
हरीस ने बताया कि उनके चाचा और उनके परिवार के लोग लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे थे, जिससे डर कर पूरा परिवार पास-पड़ोस के घरों में रात गुजारने लगा। बुधवार की रात वृद्ध कमलेश्वरी यादव भी गांव के ही एक अन्य घर में सोए हुए थे। गुरुवार की सुबह जब वे अपने घर लौटे, तभी घात लगाए बैठे अंबिका यादव और उनका पुत्र गौरव यादव ने दबिया से उनके सिर पर प्रहार कर दिया।

पिता की चीख-पुकार सुनकर बहन जूली कुमारी घर से बाहर निकली तो उसने देखा कि दोनों हमलावर भाग रहे हैं। परिवार के लोग तत्काल घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर रंगरा थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
गांव में घटना को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। वृद्ध की हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।














