




नवगछिया । बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र शुक्रवार को गोपालपुर और बिहपुर विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन प्रक्रिया ने जोर पकड़ लिया। विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं से लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों तक ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इन नामांकनों के साथ ही इन इलाकों में चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई है। कार्यकर्ताओं के नारों, जुलूसों और समर्थकों के हुजूम से प्रशासनिक तंत्र पूरे दिन सक्रिय रहा।
गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने शुक्रवार को जदयू प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान उनके सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने “नीतीश कुमार ज़िंदाबाद” और “बुलो मंडल जीतेगा” जैसे नारों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। मौके पर एनडीए के तीनों घटक दलों के जिला अध्यक्ष — भाजपा के मुक्तिनाथ सिंह, जदयू के वीरेंद्र सिंह कुशवाहा और लोजपा के जिलाध्यक्ष — साथ-साथ उपस्थित थे।

नामांकन के बाद बुलो मंडल ने कहा कि गोपालपुर में विकास की रफ्तार को तेज करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस बार फिर से सुशासन और स्थिर सरकार के पक्ष में मतदान करेगी।
वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रंगरा प्रमुख मोती यादव ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया इस दौरान उनके सैकड़ो समर्थक उनके साथ थे ।
वहीं, 153 बिहपुर विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पवन चौधरी ने भी नामांकन दाखिल किया। जनसुराज पार्टी के इस युवा प्रत्याशी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी की समस्या को दूर करना है। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में अब नई सोच और पारदर्शिता लाने का समय आ गया है। पवन चौधरी के साथ बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने बिहपुर में परिवर्तन की लहर चलाने का संकल्प लिया।

इसके अलावा, संजीव पोद्दार ने भी बिहपुर से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया। वे लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं और स्थानीय जनता के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं को लेकर चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि आम जनता की आवाज़ को विधानसभा तक पहुँचाना उनका उद्देश्य है।
नामांकन के इन कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। संभावित भीड़ और जुलूसों को देखते हुए पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। गोपालपुर और बिहपुर दोनों क्षेत्रों में दिनभर समर्थकों के नारों से माहौल पूरी तरह चुनावी बना रहा।
अब जैसे-जैसे नामांकन की अंतिम तिथि नज़दीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी हलचल और तेज होती जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय हो सकता है। गोपालपुर में दिलचस्प लड़ाई देखने को मिलेगी, जबकि बिहपुर में जनसुराज पार्टी, भाजपा और महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर के आसार हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनता का रुख किस ओर जाता है।















