



नवगछिया। सूबे के प्रतिष्ठित ज्ञान वाटिका विद्यालय, सिंघिया मकन्दपुर, नवगछिया में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की ओर से प्रभात फेरी का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रभात फेरी के दौरान साहस, शौर्य और बलिदान के प्रतीक वीर बाल दिवस पर आधारित भव्य झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की भूमिका कक्षा नवमी के छात्र हिमांशु शेखर ने निभाई। उनके साहिबजादों में बाबा फतेह सिंह जी की भूमिका कक्षा चतुर्थ के प्रशांत तथा बाबा जोरावर सिंह जी की भूमिका कक्षा चतुर्थ के ही दिव्यांशु ने निभाई। वहीं गुरु गोबिंद सिंह जी के ज्येष्ठ पुत्र बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह जी की भूमिका कक्षा अष्टम के निखिल और ओम ने सजीव रूप में प्रस्तुत की।

झांकी में माता गुजरी देवी की भूमिका कक्षा षष्ठ की जागृति ने निभाई, जबकि वज़ीर ख़ाँ की भूमिका कक्षा अष्टम के लक्की ने निभाई। वज़ीर ख़ाँ के दो सिपाहियों की भूमिका अब्दुल कादिर (कक्षा अष्टम) और चंद्रशेखर (कक्षा नवम) ने निभाई। यह प्रभात फेरी सिंघिया मकन्दपुर गांव होते हुए कचहरी परिसर नवगछिया तक पहुंची, जहां उपस्थित लोगों और अवलोकनकर्ताओं ने झांकी की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

इसके पश्चात विद्यालय परिसर में झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री हेम नारायण झा ने तिरंगा फहराया। सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधान श्री राजेश कुमार झा ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह भारतीय संविधान की महान उपलब्धियों को प्रदर्शित करता है। यह दिवस अनेकता में एकता की विजय का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि भारत की मिट्टी में वह शक्ति है, जो सभी धर्मों, संप्रदायों, जातियों और वर्गों को एक सूत्र में बांधकर रखती है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक और समर्पित रहने की अपील की।

प्रधानाचार्य ने यह भी कहा कि हमारा संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है तथा समय-समय पर आवश्यक संशोधन की व्यवस्था भी देता है। साथ ही न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से नियम-कानून को चुनौती देने का अधिकार भी नागरिकों को प्राप्त है। गणतंत्र दिवस एक प्रतिज्ञा दिवस है, जहां हम राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुंदर और समृद्ध भारत के निर्माण का संकल्प लेते हैं।
कार्यक्रम के समापन के बाद बच्चों के बीच जलेबी का वितरण किया गया, जिससे बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
















