


नवरात्रि 2025 की नवमी तिथि पर बुधवार, 1 अक्टूबर की सुबह नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल का माहौल उस समय खुशनुमा हो गया, जब यहां एक नन्ही परी के जन्म की किलकारी गूंजी। सुबह करीब 11 बजे नवगछिया के श्रीपुर निवासी सत्यम कुमार की पत्नी मणिमला कुमारी ने एक कन्या को जन्म दिया। जैसे ही यह खबर परिवार और अस्पताल में मौजूद लोगों को मिली, वहां का वातावरण उत्साह और प्रसन्नता से भर गया।

नवरात्रि के पावन अवसर पर कन्या के जन्म को परिवार ने देवी दुर्गा का आशीर्वाद माना। मणिमला कुमारी और सत्यम कुमार के परिवार में यह पहली बेटी है। बेटी के जन्म के बाद माता-पिता और परिजन खुशी से झूम उठे और उन्होंने बच्ची का नामकरण उसी समय ‘दुर्गा’ रखा।
उधर, नवगछिया के श्रीपुर की रहने वाली उषा देवी, जो इस बच्ची की नानी हैं, अपनी नतनी के जन्म पर भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि नवमी तिथि पर यह बच्ची पूरे परिवार के लिए मां दुर्गा का वरदान है। इसी मौके पर खगड़िया से नवगछिया अस्पताल आईं बच्चे की दादी मीरा देवी ने भी इस खुशी में भागीदारी की और परिवार को बधाई दी।

चिकित्सकों के अनुसार बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है और जच्चा बच्चा दोनों डॉक्टर की देखभाल में अभी भी अस्पताल में ही हैं ।
बताते चलें कि नवरात्रि की नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है और इसे विशेष रूप से कन्या पूजन के लिए पावन माना जाता है। ऐसे में इस दिन अस्पताल में कन्या के जन्म को शुभ संकेत माना गया। परिवारजनों का कहना है कि यह संयोग उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है और वे इसे मां दुर्गा का प्रत्यक्ष आशीर्वाद मानते हैं।
नन्हीं परी के आगमन से न सिर्फ परिवार में उल्लास का माहौल है, बल्कि अस्पताल में भी मौजूद लोगों ने इसे शुभ अवसर मानते हुए नवमी को और भी खास बना दिया। इस तरह नवरात्रि की पावन नवमी पर नवगछिया अस्पताल में गूंजी किलकारी ने त्योहार के उल्लास को और गहरा कर दिया।
















