



नवगछिया: राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “नकलची” कहे जाने पर जदयू ने तीखा पलटवार किया है। जदयू नेताओं का कहना है कि जिनके पास न शिक्षा है और न अनुभव, वे बिहार के विकास पुरुष पर उंगली उठाने की पात्रता नहीं रखते। तेजस्वी यादव न तो पढ़ाई में सफल रहे और न ही शासन-प्रशासन का कोई गंभीर अनुभव रखते हैं। महज़ पिता की राजनीतिक विरासत पर सवार होकर राजनीति करना और फिर नीतीश कुमार जैसे दूरदर्शी नेता को “नकलची” कहना जनता की नज़रों में मज़ाक से ज्यादा कुछ नहीं है।
नीतीश कुमार की मौलिक योजनाओं का उल्लेख करते हुए जदयू नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना ने बेटियों की शिक्षा में नई क्रांति लाई। वहीं सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल, सड़क, बिजली, शौचालय और युवाओं के लिए रोजगार जैसी मूलभूत ज़रूरतें पूरी की गईं। इन योजनाओं को न सिर्फ बिहार में सफलतापूर्वक लागू किया गया बल्कि अन्य राज्यों ने भी इसे मॉडल मानकर अपनाया। यह नीतीश कुमार की मौलिक सोच और मजबूत विज़न का नतीजा है, न कि नकल।

जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव रवि कुमार ने कहा कि नौवीं फेल और अनुभवहीन तेजस्वी यादव महज़ पिता की राजनीतिक विरासत के अयोग्य वारिस हैं। नीतीश कुमार जैसे विकास पुरुष पर नकल का आरोप लगाना उनकी हताशा और अपरिपक्वता को दिखाता है। बिहार का विकास नीतीश कुमार के विज़न और परिश्रम का परिणाम है। तेजस्वी यादव को अभी राजनीति का ‘एबीसीडी’ सीखना बाकी है।
उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम बात है, लेकिन जनता केवल उन्हीं नेताओं पर भरोसा करती है जिन्होंने काम से बिहार की तस्वीर बदली है। यही वजह है कि नीतीश कुमार का काम ही उनका सबसे बड़ा जवाब है और तेजस्वी यादव के आरोप केवल खोखले नारे साबित हो रहे हैं।













