



नवगछिया स्थित बाल भारती विद्यालय में शुक्रवार सुबह चेतना सत्र के दौरान भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एनसीसी कैडेट्स द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सुबह की विशेष असेंबली में बच्चों को वंदे मातरम् के इतिहास, इसके रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय तथा स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की प्रेरणादायक भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। देशभक्ति की भावना जगाने वाला यह गीत आज भी राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य नवनीत सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम् हमारे स्वाभिमान, संस्कृति और देशभक्ति की धड़कन है। हर भारतीय के लिए यह गर्व का भाव है।”
प्रशासक डी. पी. सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी के द्वारा वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत है, जिसका उद्देश्य युवाओं को इतिहास से जोड़ना और वंदे मातरम् की मूल भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया गया और नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया। प्रशासक डी. पी. सिंह ने छात्रों से कहा कि “युवा ही भारत का भविष्य हैं, और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जिम्मेदारी आप सब पर है।”

एनसीसी एएनओ विकास पांडेय ने कैडेट्स को राष्ट्रसेवा का संकल्प दिलाते हुए कहा कि “देश के सम्मान और सुरक्षा के लिए समर्पण ही सच्ची देशभक्ति है।” इसके बाद सभी उपस्थितों ने सामूहिक रूप से “वंदे मातरम्” का गायन किया, जिससे विद्यालय परिसर देशभक्ति के स्वर से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में एनसीसी कैडेट्स द्वारा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर 23 बिहार बटालियन के पी. आई. नरेश चंद्रा, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे। छात्रा ब्यूटी कुमारी ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए वंदे मातरम् की भावना को नमन किया।
















