



भागलपुर।
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई जब अस्पताल प्रबंधन ने ड्रेसर, वार्ड अटेंडेंट, टेक्नीशियन और डाटा ऑपरेटर सहित दर्जनों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की घोषणा कर दी। सूचना मिलते ही सभी कर्मचारी अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार पर एकत्र हो गए और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल संचालन की शुरुआत से ही इन कर्मचारियों की सेवाएं अंतरा कंपनी के माध्यम से ली जा रही थीं। लेकिन अब अस्पताल प्रबंधन ने सेवा प्रदाता बदलते हुए अंग विकास परिषद कंपनी के माध्यम से कार्य कराने का निर्णय लिया है। इससे मौजूदा कर्मचारियों की नौकरी अचानक संकट में पड़ गई और उनकी आजीविका को लेकर भारी चिंताएं सामने आईं।

प्रदर्शन बढ़ता देख अंग विकास परिषद कंपनी के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता की। कंपनी की ओर से आश्वासन दिया गया कि सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत 61 कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा और सभी को यथावत काम पर रखा जाएगा। साथ ही बताया गया कि इस विषय पर हॉस्पिटल के नोडल पदाधिकारी के साथ वार्ता कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कंपनी की ओर से मिले आश्वासन के बाद कर्मचारियों में कुछ हद तक राहत देखने को मिली, हालांकि वे अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की प्रक्रियाओं और ठेका प्रणाली को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं।














