



नवगछिया। नवगछिया पुलिस जिला के रंगरा चौक थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर बैसी स्थित बनकट्टा के पास शुक्रवार को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना में बनिया बैसी पंचायत की मुखिया गुड़िया देवी के पति एवं मुखिया प्रतिनिधि कुमोदी यादव सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में मुद्रीका यादव, जगरूप सिंह और धनंजय यादव शामिल हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, मुखिया पति कुमोदी यादव ने नगरह निवासी शहजानंद सिंह से चार बीघा जमीन पाँच लाख रुपये प्रति बीघा की दर से रजिस्ट्री कराई थी। जबकि इसी जमीन सहित कुल करीब 20 बीघे पर जहांगीरपुर बैसी नवटोलिया के जगदेव राय लंबे समय से बटेदार के रूप में खेती कर रहे थे। जोताई को लेकर पिछले दो दिनों से दोनों पक्षों में तनाव चल रहा था। इस मामले में कुमोदी यादव ने रंगरा थाना में जगदेव राय सहित 40 लोगों के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज कराई थी।

मारपीट और हमले का विवरण

शुक्रवार को कुमोदी यादव अपने दो निजी गनरों के साथ जमीन जोतवाने पहुंचे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग, जिनकी संख्या करीब 150 बताई जा रही है, वहां इकट्ठा हो गए और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि भीड़ ने दोनों गनरों की राइफलें, गोलियां और उनके मोबाइल भी छीन लिए।
हमलावरों ने कुमोदी यादव पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े। तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रंगरा थाना पुलिस तथा रंगरा सीओ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। सभी घायलों को अनुमंडल अस्पताल नवगछिया लाया गया, जहां चिकित्सक नें प्राथमिक उपचार किया। चारों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया गया। बताया गया कि कुमोदी यादव की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
अस्पताल में भारी भीड़, नेताओं के आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। वहीं मायागंज अस्पताल में जदयू के पूर्व विधायक गोपाल मंडल घायलों से मिलने पहुंचे और उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा—
“पुलिस पूरी तरह निकम्मी हो गई है। मेरे जैसे मजबूत प्रतिनिधि नहीं रहने के कारण ऐसी वारदातें हो रही हैं। मैंने कई बार थानेदार को फोन किया, लेकिन फोन नहीं लगा। पुलिसकर्मी अपना प्राइवेट नंबर अपराधियों को देते हैं और हम जैसे लोगों को सरकारी नंबर भी नहीं मिलता। पूरे बिहार की पुलिस फेल है।”
रसलपुर के पार्षद टी.एन. यादव ने बताया कि दो साल पहले कुमोदी यादव ने खेती के उद्देश्य से जमीन खरीदी थी, जिस पर बहेलिया समुदाय का कब्जा था। बुधवार को भी रंगरा सीओ ने मौके पर जाकर जांच की थी। शुक्रवार को जब कुमोदी यादव अपने गनरों के साथ जमीन खाली कराने पहुंचे, तभी दूसरे पक्ष के करीब 150 लोग एकजुट होकर हमला कर बैठे।
पुलिस छानबीन में जुटी
घटना के बाद एसडीपीओ ओम प्रकाश, नवगछिया थानाध्यक्ष रवि शंकर सिंह, सर्किल इंस्पेक्टर और रंगरा थानाध्यक्ष विश्वबंधु कुमार अस्पताल पहुंचे तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
जमीन विवाद को लेकर हुई यह हिंसक घटना पूरे क्षेत्र में तनाव का कारण बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।













