


भागलपुर । पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, नगरपारा में मंगलवार को छात्र-छात्राओं के लिए लेखन कला पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक लेखन, शब्द-ज्ञान और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जेपी कॉलेज, नारायणपुर के प्रो. विद्यानंद एवं क्षेत्रीय लेखक निशिरंजन ठाकुर रहे, जिनके मार्गदर्शन में बच्चों को लेखन की बारीकियों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को लेखन कला, पत्रकारिता, शब्द-ज्ञान, भाषा शुद्धता तथा संपादन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रो. विद्यानंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे लेखन के लिए श्रेष्ठ लेखकों की किताबें और लेख पढ़ना आवश्यक है। इससे भाषा की समझ विकसित होती है और लेखन की शैली में निखार आता है। उन्होंने शब्द-ज्ञान बढ़ाने और नए शब्दों का प्रयोग करने पर विशेष बल दिया।
विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार चौधरी ने कहा कि लेखन कला आत्ममंथन का माध्यम है, जिसके जरिए व्यक्ति अपनी भावनाओं और विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकता है। उन्होंने छात्रों को नियमित अभ्यास के माध्यम से लेखन कौशल को सुदृढ़ करने की सलाह दी।
कार्यशाला में विद्यालय के युवा संपादकीय क्लब के सदस्य बी.सी. झा, मजहर इकबाल, अजीत कुमार, पी.एन. पांडे, एस. प्रधान, रितुपर्णा दास एवं प्रेक्षा शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वास्तव में लेखन केवल एक कला नहीं, बल्कि एक निरंतर अभ्यास है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों को समाज के सामने प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र गगन, मानस, अंकित, सत्यम तथा छात्राएं पीहू, दीपराज, सरस्वती, लक्ष्मी और अनुश्री सहित पुरुलिया से प्रव्रजन कर आए सभी छात्र-छात्राओं के साथ प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र अत्यंत रोचक और ज्ञानवर्धक रहा। विद्यार्थियों ने यह स्वीकार किया कि सतत अध्ययन और निरंतर अभ्यास से ही लेखनी में निखार आता है।













