



भागलपुर । इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थित स्मार्ट सिटी भागलपुर के सभागार में मंगलवार को आयकर विभाग द्वारा इन्वेस्टिगेशन विंग आउटरीच प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कर अनुपालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें हाई रिस्क रिफंड मामलों, बोगस क्लेम, धारा 80 जीजीसी के अंतर्गत फर्जी दावे, सीएसआर से जुड़े बोगस क्लेम तथा कृषि आय से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यशाला में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने भी सहभागिता की। आयकर विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त को शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, कर परामर्शदाताओं एवं विभिन्न विभागों के आहरण एवं संवितरण पदाधिकारियों को आयकर कानून से संबंधित अहम जानकारियां दी गईं।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि भागलपुर में पहली बार आयकर विभाग द्वारा इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जो अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से चिकित्सकों, वकीलों, टैक्स प्रैक्टिशनरों के साथ-साथ सभी डीडीओ को आयकर से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी मिली है, जिससे कर अनुपालन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आयकर विभाग को एक मजबूत और सरल प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि कोई भी करदाता आसानी से अपने आयकर की गणना कर सके और समय पर आयकर रिटर्न दाखिल कर सके। इससे करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिलेगी और कर संग्रह की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी।
कार्यक्रम में नगर आयुक्त के साथ-साथ आयकर विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। आउटरीच प्रोग्राम के माध्यम से करदाताओं और विभाग के बीच संवाद को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।














