



कुरसेला सेतु पर मरम्मत कार्य बना मुसीबत, एनएच-31 पर 15 किलोमीटर लंबा भीषण जाम
नवगछिया : रविवार को कुरसेला सेतु पर सड़क मरम्मत कार्य ने राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (एनएच-31) पर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। मरम्मत कार्य के कारण रंगरा से लेकर नवगछिया के जीरोमाइल तक करीब 15 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
सुबह से शुरू हुआ यह जाम देर शाम तक जारी रहा। सड़कों पर गाड़ियों की तीन-तीन कतारें लग गईं, जिससे पूरा मार्ग जाम से जूझता रहा। विक्रमशिला सेतु पथ के जरिए नवगछिया से भागलपुर जाने वाले रास्ते पर भी इसका गंभीर असर पड़ा। भागलपुर से पूर्णिया और कटिहार की ओर जाने वाली सैकड़ों गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहीं।
इस जाम में ट्रक, बस, जीप, निजी कार, ऑटो और दोपहिया वाहन तक फंसे रहे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एक एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई, जिसमें एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को पूर्णिया से भागलपुर रेफर किया गया था। मरीज के परिजन राहगीरों और अन्य वाहन चालकों से हाथ जोड़ कर रास्ता देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन अव्यवस्थित ट्रैफिक और भीड़ के कारण कोई रास्ता नहीं निकल सका।

जाम के दौरान बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री गर्मी और थकान से परेशान होकर सिर पर बैग उठाकर पैदल ही रास्ता पार करते दिखे। एनएच-31 पर स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोग मजबूरी में वैकल्पिक मार्ग—बाबा बिसुराउत सेतु होते हुए पूर्णिया की ओर—रुख करने लगे, जिससे वहां भी यातायात का दबाव बढ़ गया।
पूरे मार्ग में यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिस की उपस्थिति बेहद सीमित रही। केवल रंगरा चौक ओपी और मकंदपुर चौक के पास पुलिस दिखाई दी, लेकिन इतनी बड़ी समस्या से निपटने के लिए यह उपस्थिति नाकाफी साबित हुई। यदि प्रशासन पहले से सतर्क रहता और ट्रैफिक नियंत्रण की बेहतर व्यवस्था होती, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के ऐसे व्यस्त मार्ग पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं करना चाहिए था। जाम से जहां यात्रियों को घंटों तक गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ा, वहीं व्यापारिक गतिविधियां और जरूरी सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं।
अब यह जरूरी हो गया है कि भविष्य में ऐसे किसी कार्य से पहले स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस मिलकर समुचित योजना बनाएं, ताकि जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।














