



इस्माइलपुर बिंद टोली में गंगा तट पर स्पर संख्या 7 और 8 के बीच 142 मीटर लंबाई में चल रहा है तटबंध निर्माण कार्य
25 जून तक कार्य पूरा करने का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश
नवगछिया : भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बुधवार को गोपालपुर प्रखंड के इस्माइलपुर बिंद टोली स्थित गंगा तट पर हो रहे तटबंध निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यह कार्य स्पर संख्या 7 और 8 के बीच 142 मीटर लंबाई में किया जा रहा है, जो कि इस क्षेत्र के लिए अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निरीक्षण के क्रम में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्ष 2024 की बाढ़ के दौरान इस क्षेत्र में गंगा नदी की धार ने तेज रुख अपनाते हुए गंभीर कटाव किया था, जिससे तटबंध को काफी नुकसान पहुंचा। इसी को देखते हुए सरकार द्वारा 33.5 करोड़ रुपये की लागत से तटबंध के पुनर्निर्माण और ऊंचीकरण की स्वीकृति दी गई है। यह कार्य विभागीय स्वीकृति और संविदा की शर्तों के अनुरूप निष्पादित किया जा रहा है।

अब तक इस परियोजना के तहत मिट्टी भराई और तटबंध की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। साथ ही, बोल्डर गैप रन का कार्य भी संपन्न हो चुका है, जिससे तटबंध की मजबूती सुनिश्चित की जा सके। वर्तमान में केवल स्लोप निर्माण कार्य शेष है, जिसे लगभग 2000 कैरेट में पूरा किया जाना है। इंजीनियरों के अनुसार यह कार्य 28 जून तक पूरा होने की संभावना है।

हालांकि जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य की गति और गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोताही न हो और इसे हर हाल में 25 जून तक पूर्ण कर लिया जाए, ताकि संभावित बाढ़ सत्र से पूर्व स्थानीय आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थल पर मौजूद अधिकारियों और अभियंताओं से कार्य की वर्तमान स्थिति, मशीनरी की उपलब्धता, मानव संसाधन की संख्या और निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जानकारी भी ली। उन्होंने कार्यस्थल पर मौजूद मजदूरों से भी संवाद किया और उनकी समस्याओं को जाना।
इस निरीक्षण के अवसर पर नवगछिया अनुमंडल पदाधिकारी ऋतुराज प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार सहित बाढ़ नियंत्रण विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि तटबंध निर्माण की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच सुनिश्चित की जाए और हर चरण की निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी आपदा से क्षेत्र की जनता को सुरक्षित रखा जा सके।














