



भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार को भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सुल्तानगंज स्थित मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय विधायक ललित नारायण मंडल, नगर परिषद सुल्तानगंज के सभापति राजेश कुमार गुड्डू तथा उपसभापति नीलम देवी भी उपस्थित रहीं। नमामि गंगे घाट का निरीक्षण करते हुए विधायक के सुझाव पर जिलाधिकारी ने घाट की सीढ़ियों के नीचे के पत्थरों को मिट्टी और बालू की बोरियों से ढंकने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को चोट से बचाया जा सके।

पिछले वर्षों की तरह इस बार भी नदी में बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी, साथ ही जल स्तर के अनुसार उसका समायोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने नगर परिषद को निर्देश दिया कि सभी नालियों को ढंकते हुए दोनों ओर सड़क पर तीन फीट चौड़ी पीली पट्टी बनाई जाए।
पंडा चौकी के रजिस्ट्रेशन, पंडों की संख्या निर्धारण और चौकियों की रंगाई पुताई की व्यवस्था पंडों द्वारा सुनिश्चित कराने को कहा गया। दुकानों में पूजा सामग्री, कांवड़ सामग्री, खाद्य वस्तुएं आदि के लिए दर सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। होटल संचालकों को इस्तेमाल की जा रही सामग्री के ब्रांड की सूची सार्वजनिक करनी होगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को सभी चापाकलों की जांच, आवश्यकतानुसार राइजर पाइप लगाने और 26 जून तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बोरिंग के लिए चिन्हित छह स्थानों पर कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा गया है।
कांवड़ियों के मार्ग में दुकानें सड़क छोड़कर लगाई जाएंगी। दुकानदारों के लिए नियमों का चार्ट मेला शुरू होने से पूर्व वितरित किया जाएगा। वाहन पार्किंग के लिए निजी संचालकों को नगर परिषद से अनुमति लेनी होगी। नमामि घाट और सीढ़ी घाट पर एक-एक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। बैरियर स्थलों का निरीक्षण करने हेतु यातायात डीएसपी को निर्देशित किया गया है।

अजगैबीनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने वहां बन रहे रिवर फ्रंट की समीक्षा की और कृष्णा घाट से रिवर फ्रंट तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी दिया। महंत द्वारा बोरिंग की मांग पर विचार किया गया।
निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी ने सभी कार्यों को सात दिनों के भीतर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि श्रावणी मेला 11 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है।













