



धर्मगुरुओं ने दिया शांति, भाईचारे और एकता का संदेश, 13 हाफिजों को बाँधी गई पगड़ी
नवगछिया : नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत मदरसा जामिया इस्लामिया सैय्यदना अबूबकर सिद्दीक, बीरबन्ना बलाहा में सोमवार को जलसा-ए-दस्तारबंदी एवं कौमी एकता कांफ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने भाग लिया और आपसी भाईचारा, प्रेम व सौहार्द के साथ रहने का संदेश दिया।

जलसे में शामिल धर्मगुरुओं में हजरत मौलाना अहमद नसर साहब (बनारस), हजरत मौलाना अब्दुल्ला सालीम कमर चतुर्वेदी (अररिया), मौलाना सोहराब साहब (कलकत्ता), मौलाना सोहराब साहब कासमी (पटना), श्री विश्वानंद महाराज (दिल्ली) सहित कई ओलमाए-ए-किराम तशरीफ लाए। सभी ने एक स्वर में भारत की गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखने और सौहार्दपूर्वक जीवन जीने की अपील की।
इस अवसर पर मोहम्मद आबिद, मोहम्मद सरफराज, मोहम्मद सरताज, मोहम्मद वफ़ा, मोहम्मद इकरामुल, मोहम्मद सूफियान, मोहम्मद शादाब, मोहम्मद हमीदुल्लाह, मोहम्मद अतहर, मोहम्मद अमजद, मोहम्मद शहनवाज, मोहम्मद फारूक और मोहम्मद अशद को हाफिज-ए-कुरान बनने पर दस्तार (पगड़ी) बांधी गई।
कार्यक्रम में आम का डाक भी किया गया, जिसमें अब्दुल करीम (बलाहा) ने मदरसे को 30 हजार रुपये सहयोग राशि दी।
आयोजन को सफल बनाने में पवन सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, संतोष यादव, सुबोध यादव, राजेंद्र महतो, विवेक चौधरी, मोहम्मद मंजूर, हारून रशीद, इरशाद, कौशर, मुर्शीद, जहांगीर, खुर्शीद, अब्दुल करीम, अकरम, कासिम, जाहिर, एजाजुल हक, मोहम्मद हारून, संजार, इब्रान, शमशेर, जावेद, नौशाद, बब्लू, गुफरान, मुश्ताक, शाबीर, केशर, आलम, अबुल, छोटू खान एवं समस्त बीरबन्ना-बलाहा के ग्रामीणों का सराहनीय सहयोग रहा।













