



भागलपुर के समीक्षा भवन में बुधवार को जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 एवं मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को लेकर बुलाई गई थी। इसमें जिले के सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) शामिल हुए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने हेतु पूरी गंभीरता और तत्परता से कार्य किया जाए। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है, जिसके आधार पर यह विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम 25 जून से शुरू होकर 30 सितंबर 2025 तक चलेगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा घर-घर जाकर एन्युमरेशन फॉर्म भरवाया जाएगा। यह कार्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत बीएलओ पहचान पत्र के साथ किया जाएगा। फॉर्म भरने के पश्चात बीएलओ उसे बीएलओ ऐप के माध्यम से अपलोड करेंगे। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि सर्वे के दौरान बीएलओ प्रत्येक घर के बाहर अपना नाम एवं मोबाइल नंबर सहित आयोग द्वारा जारी स्टीकर चस्पा करना सुनिश्चित करें।
मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा निर्धारित की गई है। इसके अनुरूप नए केंद्रों का निर्माण एवं पुनर्गठन किया जाएगा।
जन्म तिथि के प्रमाण के लिए निम्न प्रकार के दस्तावेज अनिवार्य होंगे:
- 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे मतदाताओं के लिए जन्म से संबंधित कोई सरकारी प्रमाणपत्र।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं के लिए स्वयं का जन्म प्रमाणपत्र और माता-पिता में से किसी एक का जन्म प्रमाणपत्र।
- 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं के लिए स्वयं और माता-पिता दोनों के जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य होंगे।
इसके अतिरिक्त जिन दस्तावेजों को प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा, उनमें शामिल हैं:
- केंद्र/राज्य सरकार या पीएसयू द्वारा जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश
- पासपोर्ट, मैट्रिकुलेशन या विश्वविद्यालय प्रमाण पत्र
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (ओबीसी/एससी/एसटी)
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर
- सरकारी भूमि/मकान आवंटन पत्र आदि।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित संपन्न कराने के लिए यह विशेष पुनरीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर से शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जिम्मेदारी से कार्य करें।














