



नवगछिया नगरह के नवटोलिया मोहल्ले में शादी के दिन उस वक्त अजीब स्थिति बन गई जब एक ओर घर में बारात सज-धज कर निकलने को तैयार थी, तो दूसरी ओर दूल्हा अस्पताल में इलाज करा रहा था। घर से बार-बार फोन आ रहे थे कि “दूल्हा कब आएगा?”, वहीं नवगछिया अनुमंडीय अस्पताल में घायल दूल्हे को इंजेक्शन और दवा दी जा रही थी।
घर पर बाराती पूरी तैयारी में थे। सभी ने सूट-बूट पहन रखा था और दरवाजे पर इंतज़ार कर रहे थे। लेकिन सबके मन में एक ही सवाल था—शादी होगी या नहीं? दूल्हे के अस्पताल में होने की खबर से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कन्या पक्ष को भी इस घटना की जानकारी मिल चुकी है। लड़की पक्ष के लोग रंगरा थाना क्षेत्र के साधोपुर गांव से हैं और दोनों परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। लड़की पक्ष की ओर से कहा गया कि आज शादी हो जाने दीजिए, बाकी बातों का फैसला बाद में किया जाएगा।
अस्पताल पहुंचे परिजन भी बार-बार घर से आ रहे फोन कॉल्स का जवाब देते रहे। परिजनों ने बताया कि वे फिलहाल कोई विवाद नहीं चाहते। उनका कहना था कि सबसे पहले शादी शांतिपूर्वक संपन्न हो, इसके बाद जो भी निर्णय लेना हो लिया जाएगा।

दूल्हे के भाई ने बताया कि कन्या पक्ष की ओर से 100 बारातियों की व्यवस्था की गई हैं और उतने ही लोग बारात में जाने के लिए तैयार हैं। सभी को बस दूल्हे के अस्पताल से आने का इंतजार था, ताकि सेहरा बांधकर बारात निकल सके।
इस बीच शादी की खुशी और तनाव का मिला-जुला माहौल घर और मोहल्ले में बना रहा।














