



भागलपुर। बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को समीक्षा भवन में श्रम संसाधन मंत्री सह भागलपुर जिले के प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें विधायक गोपालपुर नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, विधान पार्षद डॉ. एन.के. यादव, जिला परिषद अध्यक्ष मिथुन यादव, महापौर डॉ. वसुंधरा लाल और उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने सहभागिता की।
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागवार बाढ़ पूर्व तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के सभी अंचलों में वर्षा मापक यंत्र लगाए गए हैं और प्रतिदिन का डेटा संग्रहित किया जा रहा है। नाव, खाद्य सामग्री, टेंट एवं अन्य राहत सामग्री की दरें निर्धारित कर दी गई हैं। साथ ही, विशेष परिस्थिति के लिए 21,200 पॉलीथिन शीट की आपूर्ति का आदेश दिया जा चुका है।

गंगा और कोसी नदी के जलस्तर की निगरानी नियमित की जा रही है। एसडीआरएफ की टीम अलर्ट पर है। जिले में 94 बाढ़ राहत बचाव दल और 227 प्रशिक्षित गोताखोर उपलब्ध हैं। 171 राहत शिविर और 166 सामुदायिक रसोई स्थापित करने की तैयारी है। इसके अतिरिक्त, 501 आपदा मित्रों को भी तैयार रखा गया है। नवगछिया के बिंद टोली स्थित स्पर-7 और स्पर-8 के बीच टूटे हिस्से की मरम्मती कार्य अंतिम चरण में है।
मंत्री संतोष कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि बाढ़ के बाद बीमारियों की संभावना को देखते हुए दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सामुदायिक रसोई की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में प्रभावितों को कठिनाई न हो, इसके लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त ने बताया कि संपूर्ति पोर्टल को अद्यतन कर लिया गया है, जिससे बाढ़ पीड़ितों को जीआर की राशि सीधे खाते में शीघ्र भेजी जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष की बाढ़ में भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव क्षेत्र की कुल 125 सड़कें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई थीं, जिनकी मरम्मती कर दी गई है।
विधायक गोपालपुर ने बैठक में अपने क्षेत्र की कुछ सड़कों को फोरलेन बनाए जाने की मांग रखी। वहीं विधान पार्षद डॉ. एन.के. यादव ने सर्पदंश की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि लोगों में जागरूकता की कमी के कारण कई बार जान चली जाती है। उन्होंने निजी अस्पतालों में भी सर्पदंश की दवा उपलब्ध कराने और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता बताई।

बैठक में भागलपुर नगर निगम की मेयर, सुल्तानगंज और नवगछिया नगर परिषद के अध्यक्ष समेत कई जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव रखे। पीएचईडी पूर्व के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि विभाग को 40 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इसके तहत 107 चापाकल, 637 शौचालय और 51 पानी टैंकर की व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में पीएचईडी पूर्व क्षेत्र में 21 और पश्चिम क्षेत्र में 30 टैंकर चालू स्थिति में हैं।
बैठक में श्रम संसाधन विभाग के सचिव सह जिला प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने और बाढ़ के दौरान आवश्यक प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा, नगर आयुक्त शुभम कुमार, नवगछिया एसडीओ ऋतुराज प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) महेश्वर प्रसाद सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार, संयुक्त निदेशक (जनसंपर्क) नागेंद्र कुमार गुप्ता समेत जिले के तमाम वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।














