



नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल के लेबर वार्ड से लेकर में मेन गेट तक चलता रहा हाई वोल्टेज ड्रामा
नवगछिया। अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया परिसर और मुख्य गेट के समीप गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती ने करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा किया। युवती कभी अस्पताल परिसर में घुस जा रही थी, तो कभी बाहर सड़क पर ईंट-पत्थर उठाकर आने-जाने वाले वाहनों पर फेंक रही थी।
मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए उसे संभाल पाना मुश्किल हो गया। बताया जा रहा है कि युवती सबसे पहले अस्पताल के लेबर रूम तक पहुंच गई थी। वहां ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों ने जैसे-तैसे उसे बाहर निकाला। बाहर निकलते ही वह सड़क किनारे से ईंट और पत्थर उठाकर फेंकने लगी और लगातार गाली-गलौज करती रही।
सुरक्षाकर्मियों ने उसे डांटकर हटाने की कोशिश की, तो वह गेट के पास जाकर और ज्यादा आक्रामक हो गई। उसने सड़क किनारे से ईंटें और पत्थर उठाकर आने-जाने वाले वाहनों पर फेंकना शुरू कर दिया। कई बार वह बीच सड़क पर जाकर खड़ी हो जा रही थी, जिससे वाहन उससे टकराने से बाल-बाल बचे।
करीब एक घंटे तक उसका यह तांडव चलता रहा। फिर वह अचानक वहां से चली गई। लेकिन लगभग 10 मिनट बाद वह दोबारा लौट आई और फिर से उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इस बार भी उसने सड़क किनारे मौजूद वाहनों पर ईंट-पत्थर फेंके और बीच सड़क पर दौड़ती नजर आई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि युवती मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत हो रही थी, हालांकि वह शारीरिक रूप से अस्वस्थ नजर आ रही थी। लोगों ने उसके इलाज की मांग की और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद लोगों ने 112 नंबर पर कॉल किया। लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, तब तक युवती वहां से गायब हो चुकी थी।
करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम को देखने के लिए अस्पताल परिसर में और बाहर सड़क पर भीड़ जुट गई। लोग इसे तमाशे की तरह देखते रहे लेकिन किसी ने उसे रोकने या मदद करने की कोशिश नहीं की।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसी मानसिक रूप से असंतुलित महिलाओं की पहचान कर उचित इलाज और देखभाल की व्यवस्था की जाए, ताकि वे खुद को या दूसरों को नुकसान न पहुंचा सकें।
वही संबंध में नवगछिया थाना अध्यक्ष से संपर्क असफल रहा ।













