5
(1)

नवगछिया के बिहपुर प्रखंड अंतर्गत खानकाह-ए-आलिया कादिरिया फरीदिया मोहब्बतिया के सज्जादानशीन हज़रत अली कौनैन ख़ां फरीदी एवं नायब सज्जादानशीन हज़रत मौलाना अली शब्बर ख़ां फरीदी ने कहा कि मोहर्रम इस्लाम धर्म का पहला महीना है, जिसका मुसलमानों के जीवन में विशेष महत्व है।

उन्होंने बताया कि इस्लामी इतिहास के अनुसार, मोहर्रम की 10वीं तारीख को पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नवासे (नाती) हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को यज़ीद ने करबला के मैदान में शहीद कर दिया था। इमाम हुसैन ने अन्याय और ज़ुल्म के खिलाफ खड़े होकर इस्लाम की सच्चाई, इंसाफ और अजमत को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

इस घटना की याद में पूरी दुनिया के मुसलमान मोहर्रम को यादगार के रूप में मनाते हैं। इस महीने में इमाम हुसैन की याद में कुरआन ख़्वानी, नियाज़, फातिहा, और जलसे का आयोजन किया जाता है। मुसलमान इमाम हुसैन की कुर्बानी को प्रेरणा मानते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं।

सज्जादानशीन हज़रत अली कौनैन ख़ां फरीदी ने सभी लोगों से मोहर्रम को शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की है।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: