


प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में मकई का बोझा ले जाने के दौरान घर के समीप से गुजर रहा बिजली का तार टूट गया था। तार टूटने से आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और अंधेरा छा गया। इसी बीच सोनू मंडल टूटे हुए तार को जोड़कर बिजली बहाल करने का प्रयास कर रहे थे।
बताया जाता है कि तार जोड़ने के दौरान अचानक बिजली प्रवाहित हो गई और वह करंट की चपेट में आ गए। जोरदार झटका लगने से वे दूर जाकर जमीन पर गिर पड़े। गिरने के कारण उनके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें भी आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन तथा ग्रामीण तत्काल उन्हें इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद सोनू मंडल को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

घटना की सूचना मिलने पर बरारी पुलिस कैंप की टीम अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक के पिता महेंद्र मंडल ने बताया कि सोनू मंडल परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी सहित पांच छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमें चार बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। उनकी असमय मौत से पूरे परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि सोनू मंडल मेहनतकश और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी मौत से गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन से की है।
घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।
















