



भागलपुर। बिहपुर स्थित एनडीए कार्यालय में रविवार को जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहपुर दक्षिण भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप महतो ने की, जबकि संचालन भाजपा के जिला उपाध्यक्ष एवं बिहपुर विधानसभा एनडीए संयोजक प्रो. गौतम ने किया।
समारोह को फोन के माध्यम से संबोधित करते हुए भाजपा विधायक एवं सत्तारूढ़ दल के सचेतक इंजीनियर शैलेन्द्र ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक देश–एक विधान–एक निशान की सोच के प्रणेता थे। वे कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति के मुखर विरोधी थे। विधायक ने बताया कि डॉ. मुखर्जी स्वतंत्र भारत के पहले मंत्रिमंडल में एकमात्र गैर-कांग्रेसी मंत्री थे, जिन्होंने वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला। उनके ही प्रयास से हैदराबाद के निज़ाम को भारत में विलय के लिए विवश होना पड़ा।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रो. गौतम ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के मंत्रीकाल में बिहार में खाद कारखाने की स्थापना, चितरंजन में इंजन फैक्ट्री और विशाखापत्तनम में जहाज निर्माण कारखाना स्थापित हुआ था। मंडल अध्यक्ष दिलीप महतो ने जानकारी दी कि डॉ. मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में हुआ था और उनका निधन 23 जून 1953 को हुआ।

इस अवसर पर कार्यालय प्रभारी परमानंद मंडल, अरुण चौधरी, मणिकांत पंडित, खरीक दक्षिणी मंडल महामंत्री अंकेश कुमार, नारायणपुर गंगा दियारा पंचायत से पधारे अशीष नेहरा, दीपक, महादेव मंडल, सिकंदर मंडल, जयकांत शर्मा, रामप्रकाश ठाकुर सहित कई लोगों ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। समारोह में भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे।













