



भागलपुर। श्रावण मास में आस्था और भक्ति का संगम बन चुका सुल्तानगंज का इलाका इन दिनों केसरिया रंग में रंगा हुआ है। भागलपुर, बांका, मुंगेर, नवगछिया, पूर्णिया, कटिहार के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और असम समेत कई राज्यों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।

श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर कंधे पर कांवर में गंगाजल भरते हैं और 105 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो जाते हैं।

सुल्तानगंज का ‘नमामि गंगे घाट’ श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां लोग घंटों लाइन में लगकर पूरे जोश और भक्ति के साथ गंगाजल भर रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए हैं। जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, ड्रोन से निगरानी हो रही है, मेडिकल कैंप, जलपान केंद्र एवं विश्राम स्थलों की व्यवस्था भी की गई है।
देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। सारण जिले से आए श्रद्धालु सुबोध तिवारी ने कहा कि बाबा का बुलावा हर साल आता है, हम पैदल जल चढ़ाने जाते हैं। असम से आईं मिलीनी दयंती ने कहा कि गंगाजल लेकर बाबा धाम जाना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। दिल्ली से पिंकी देवी और असम से दीपक कुमार दास ने भी इस अनुभव को अविस्मरणीय बताया।













