



भागलपुर: जिले के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत रसलपुर थाना क्षेत्र के कुलकुलिया सैदपुर गांव में नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। गांव में नशेड़ियों और नशे के कारोबारियों की बढ़ती गतिविधियों से परेशान होकर ग्रामीणों ने अब अपने स्तर पर निगरानी शुरू कर दी है। गांव के मुख्य सड़क मार्ग पर “ड्रॉप गेट” लगाकर संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद ही उन्हें गांव में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
यह पहल गांववासियों ने एक बैठक कर सामूहिक रूप से शुरू की है। गांव के मिलन चौक पर लगाए गए ड्रॉप गेट पर ग्रामीण दिन-रात बारी-बारी से पहरा दे रहे हैं। इस अभियान का असर भी दिखने लगा है, नशेड़ी अब गांव में आने से डरने लगे हैं और नशे का कारोबार करने वालों की बेचैनी भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह गांव नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा था। आए दिन गांव में हंगामा, महिलाओं और छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां, और सड़क पर बेतरतीब बाइक चलाना आम बात हो गई थी। इससे परेशान होकर ग्रामीणों ने मिलकर यह सख्त कदम उठाया।

पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नीरज मंडल के नेतृत्व में ग्रामीणों की बैठक हुई और ड्रॉप गेट लगाकर नशेड़ियों की एंट्री बंद करने का निर्णय लिया गया। नीरज मंडल ने बताया कि 16 से 25 वर्ष की उम्र के युवक, जो आसपास के गांव और शहरों से आते थे, दिन-रात कभी भी गांव में नशा करने आ जाते थे। समझाने पर भी कोई असर नहीं हुआ, तब यह पहल की गई। अब जो भी युवक नशा करने की नीयत से आते हैं, उनसे पूछताछ कर समझाकर वापस भेज दिया जाता है।

ग्रामीण विजय मंडल ने बताया कि अब बाहरी लोगों से पहले उनका परिचय और गांव में उनके रिश्तेदारों के बारे में पूछा जाता है। संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें गांव में प्रवेश नहीं दिया जाता।
बालमुकुंद मंडल ने कहा कि गांव में 24 घंटे ड्यूटी के लिए ग्रामीणों की टोली बनाई गई है। इस पहल को तीन दिन हो चुके हैं और अब तक एक भी नशेड़ी गांव में प्रवेश नहीं कर पाया है। वहीं पिंटू मंडल ने कहा कि पहले गांव का माहौल बिगड़ रहा था, युवा नशे का शिकार हो रहे थे, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।
सत्येंद्र मंडल ने बताया कि रात-दिन गांव में सैकड़ों की संख्या में बाहरी लोग ब्राउन शुगर का सेवन करने आते थे। उन्होंने कहा कि ड्रॉप गेट लगने से अब यह सब बंद हो गया है।

बबलू मंडल ने कहा कि गांव में ब्राउन शुगर का कारोबार फल-फूल रहा था। आसपास के गांवों से युवा यहां नशा खरीदने आते थे। जब ग्रामीणों ने कारोबारियों से इसे बंद करने की अपील की तो वे धमकी देने लगे। अब ग्रामीणों को डर है कि कारोबारियों की आपराधिक पृष्ठभूमि के कारण उन्हें जान का खतरा हो सकता है।
मुखिया प्रतिनिधि नीरज मंडल ने कहा कि यह अभियान तब तक चलेगा जब तक नशा पूरी तरह बंद नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अकेले कुछ नहीं कर सकती, जब तक समाज जागरूक होकर साथ न दे। उन्होंने अन्य गांवों से भी अपील की कि वे भी ऐसी ही पहल करें।
कहलगांव एसडीपीओ कल्याण आनंद ने इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ग्रामीणों की भागीदारी से पुलिस को अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि यह एक अनुकरणीय पहल है जिसे अन्य गांवों में भी अपनाना चाहिए।
कुलकुलिया सैदपुर गांव में करीब 8000 की आबादी है और यह रसलपुर थाना से 9 किलोमीटर, अनुमंडल मुख्यालय से 3 किलोमीटर तथा कहलगांव थाना से 1 किलोमीटर दूर है। पहले यह गांव कहलगांव थाना क्षेत्र में आता था, लेकिन थाना विस्तार के बाद अब यह रसलपुर थाना क्षेत्र में शामिल है।
अब तक नशे के कारण इस गांव में रंजन कुमार, चरित्र मंडल, कुमुद पंडित, रामदयाल मंडल और विलास मंडल सहित पांच लोगों की मौत हो चुकी है। सभी की मौत ब्राउन शुगर के सेवन से हुई है, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों है।













