


भागलपुर: गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे जिले के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित सबौर प्रखंड के संत नगर गांव है, जहां पानी भरने से लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। खासकर, स्कूली बच्चों के लिए यह स्थिति काफी कठिनाईपूर्ण हो गई है।
संत नगर प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को रोजाना घुटनों तक पानी में स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बच्चों का कहना है कि रास्ते में पानी का बहाव तेज होने के कारण उन्हें स्कूल जाने में डर लगता है, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए जोखिम उठाकर स्कूल जाते हैं।
रोहित कुमार, एक छात्र ने कहा, “हमें स्कूल आने में डर लगता है क्योंकि पानी का बहाव तेज है, लेकिन हम शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए स्कूल जाते हैं।”
यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और समाज के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गई है, क्योंकि बाढ़ से न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों की शिक्षा पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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