



उप मुख्यमंत्री ने किया दीप प्रज्वलित
भागलपुर। रेशम भवन, भागलपुर में कृषि विभाग द्वारा किसान कल्याण संवाद सह युवा किसान सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस अवसर पर भागलपुर सांसद अजय मंडल, विधायक पवन यादव, कल्पना कुमारी, अपर सचिव सह कृषि निदेशक बिहार पटना शैलेंद्र कुमार, अपर सचिव सह निदेशक विपणन बिहार पटना अभिषेक कुमार, निदेशक उद्यान बिहार पटना धनंजयपति त्रिपाठी, निदेशक बामेती निर्मल कुमार, प्रबंधक बीआरबीएन के राधा रमण, निदेशक भूमि संरक्षण सह विपणन प्रमुख बिहार पटना सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी अतिथियों एवं राज्यस्तरीय पदाधिकारियों का सम्मान अंग वस्त्र, मंजूषा पेंटिंग और पौधों से किया गया। इसके अलावा, भागलपुर में जीआई टैग प्राप्त उत्पाद कतरनी चूड़ा एवं चावल को भेंट स्वरूप प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात कुमार सिंह, उप परियोजना निदेशक, आत्मा भागलपुर ने की, जिन्होंने आत्मा भागलपुर की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी और मंच का संचालन किया। इस दौरान किसानों को कृषि और संबद्ध विभागों द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
धनंजयपति त्रिपाठी, निदेशक बामेती बिहार पटना ने कृषि विभाग और आत्मा द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में किसानों को जागरूक किया। कार्यक्रम में भागलपुर के 20 किसानों को उनके उत्कृष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इन किसानों में शीला कुमारी (मशरूम उत्पादन), वंदना कुमारी (बकरी पालन), गुंजेश गुंजन (समेकित कृषि प्रणाली), संजय कुमार चौधरी (मधुमक्खी पालन), प्रिया देवी (मशरूम उत्पादन), कृष्णानंद सिंह (जर्दालु आम उत्पादन) और अन्य शामिल थे। उन्हें अंग वस्त्र, मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने श्रेष्ठ किसान पुरस्कार से सम्मानित किया।

इसके अलावा, डीसीएस योजना के तहत तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने हेतु 05 कृषि समन्वयक और 05 किसान सलाहकारों को एंड्रॉयड मोबाइल दिए गए। मंत्री ने जिले के अग्रणी युवा किसानों से संवाद करते हुए उनके कार्यों की जानकारी ली और उनकी कठिनाइयों और सुझावों पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को किसानों से प्राप्त सुझावों पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ा जाए। जैविक विधियों को अपनाने से रसायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी और किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कृषि रेडियो संवाद से जुड़ने की सलाह दी, ताकि किसान अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।
मंत्री ने यह भी बताया कि कृषि को नई दिशा देने के लिए बिहार सरकार द्वारा चतुर्थ कृषि रोड मैप में कई योजनाएं शामिल की गई हैं। बिहार में एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत एपीडीए का कार्यालय जल्द ही स्थापित किया जाएगा और शाहकुंड प्रखंड में सेंटर ऑफ एक्सलेंस फॉर मेंगो की स्थापना भी की जाएगी। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने राशि जारी कर दी है, और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा। इससे किसानों को अपने उत्पादों के ग्रेडिंग, पैकेजिंग और विपणन में लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के समापन पर श्याम बिहारी सिंह, संयुक्त निदेशक (शस्य) भागलपुर प्रमंडल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।













