5
(1)

तुलसी जयंती पर बाल भारती विद्यालय में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

नवगछिया : तुलसी जयंती के पावन अवसर पर बाल भारती विद्यालय और बाल भारती पोस्ट ऑफिस रोड के संयुक्त तत्वावधान में विद्यालय परिसर में एक भव्य एवं आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रों ने श्रीरामचरितमानस पर आधारित भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ देकर सभी उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रशासक डी. पी. सिंह द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाइयों का गायन करते हुए सभी अतिथियों और श्रोताओं का अभिनंदन किया। इसके उपरांत कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष अजय कुमार रुंगटा, सचिव डॉ. बी. एल. चौधरी, सह सचिव प्रवीण केजरीवाल, कोषाध्यक्ष अशोक गोपालका तथा कार्यकारिणी सदस्यगण—विनोद खंडेलवाल, दिलीप मुनका, मोहनलाल चिरानियाँ, बालकृष्ण पंसारी, बिनोद चिरानियाँ, रवि प्रकाश सर्राफ, पंकज टिबड़ेवाल, भगवती पंसारी, रामावतार प्रसाद एवं डॉक्टर आनंद विक्रम द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के नृत्य शिक्षक की अगुवाई में मंगलाचरण एवं रामचरितमानस की चौपाइयों से अध्यात्म की छटा बिखेरी गई। इसके बाद एक के बाद एक भव्य प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रमुख प्रस्तुतियों में “श्रीरामचंद्र कृपालु”, “ठुमक चले रामचंद्र”, “रामचंद्र कह गए सिया से”, “तुलसी चलल ससुर्रिया”, “सीता हरण” जैसी नृत्य एवं गायन नाटिकाएँ शामिल रहीं।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा भावनात्मक नाटक “कहाँ गई असली सीता”, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया और सोचने पर विवश किया। कार्यक्रम का समापन “राम आएंगे-आएंगे” जैसे उत्साहवर्धक गीतों से हुआ, जिससे वातावरण राममय हो गया।

उपाध्यक्ष अजय कुमार रुंगटा ने अपने संबोधन में कहा कि तुलसीदास जैसे संत युगों-युगों तक समाज को दिशा देने का कार्य करते रहेंगे। उनके जीवन मूल्यों को अपनाकर हम एक आदर्श समाज की स्थापना कर सकते हैं। सचिव अभय प्रकाश मुनका ने कहा कि बालकों में रामकथा के आदर्शों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रामायण को केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला बताया।

सह सचिव प्रवीण केजरीवाल ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखते हैं। यह हमारी भावी पीढ़ियों को भारतीय जीवन दर्शन से अवगत कराते हैं। कार्यक्रम में भगवती पंसारी, विनोद खंडेलवाल और बालकृष्ण पंसारी ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने तुलसीदास की रचनाओं को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया और भगवान राम के आदर्शों की महत्ता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक निखिल चिरानियाँ द्वारा किया गया। बाल भारती पोस्ट ऑफिस रोड के प्राचार्य कौशल किशोर ने कहा कि रामायण केवल एक कथा नहीं, बल्कि एक जीवन पद्धति है, जिसे अपनाकर हम समाज को दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने जिस समाज की परिकल्पना की थी, उसे साकार करने का दायित्व हम सबका है।

कार्यक्रम के अंत में बाल भारती विद्यालय के प्राचार्य नवनीत सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों के माध्यम से प्रयासरत रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं आध्यात्मिक चेतना का विकास करते हैं।

इस कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के नृत्य शिक्षक निभास मोदी और संगीत शिक्षक श्रवण कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर दोनों विद्यालयों के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अनेक अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: