



भागलपुर: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। इसी कड़ी में भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने धांधी बेलारी, नमामि गंगे घाट, कृष्णगढ़ सहित संपूर्ण मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उनके साथ संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने धांधी बेलारी स्थित स्थायी सरकारी धर्मशाला का दौरा कर वहां की सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। वहां ठहरे कांवरियों से बातचीत कर उन्होंने व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। कांवरिया इन सुविधाओं से संतुष्ट दिखे और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

इसके बाद उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी, पर्यटन विभाग का सूचना केंद्र और खूब लाल महावीर महाविद्यालय परिसर में स्थापित जर्मन हैंगर का निरीक्षण किया। हैंगर में ठहरे कांवरियों ने बताया कि उन्हें यहां आरामदायक व्यवस्था मिली है। कई कांवरियों ने जिलाधिकारी को बताया कि यहां की व्यवस्था को वे 10 में से 10 अंक देना चाहेंगे।
जिलाधिकारी ने जर्मन हैंगर में मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, वीआईपी कक्ष (जिसमें एयर कंडीशनर की सुविधा है), और पंजीकरण प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। उन्हें बताया गया कि यहां ठहरने वाले हर कांवरिए का नाम पंजी में दर्ज किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी भी यहां आकर कुछ समय के लिए रुकी थीं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि जर्मन हैंगर में लॉकर की भी व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि कांवरिये अपने कीमती सामान सुरक्षित रख सकें।

नमामि गंगे घाट पर जिलाधिकारी ने गंगा के जलस्तर का मुआयना किया और सुरक्षा के लिए तैनात बैरिकेडिंग, मोटरबोट से गश्त कर रही एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम की तैयारी देखी। उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को घाट की सफाई लगातार वाइपर से कराते रहने के निर्देश दिए।
घाट पर पंडितों की चौकी की अव्यवस्थित स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी ने चौकियों को इस प्रकार व्यवस्थित करने के निर्देश दिए ताकि लोगों की आवाजाही बाधित न हो। साथ ही उन्होंने चौकी के नीचे फैली गंदगी की सफाई की जिम्मेदारी संबंधित पंडा को सौंपने और इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देने को कहा।
नमामि गंगे घाट पर स्थित शौचालय, पेयजल, नियंत्रण कक्ष और सूचना केंद्र का भी उन्होंने अवलोकन किया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
इस निरीक्षण के दौरान नगर परिषद सुल्तानगंज के सभापति राजेश कुमार गुड्डू, मेला दंडाधिकारी मिथिलेश प्रसाद सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, कार्यपालक पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए हर व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सभी संबंधित विभागों की है, और इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













