



माताओं को स्तनपान के लिए किया गया प्रेरित
भागलपुर: विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 के अवसर पर इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी), भागलपुर शाखा द्वारा एक जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से प्रारंभ होकर तिलकामांझी चौक तक गई। रैली का उद्देश्य माताओं को स्तनपान के लाभों के प्रति जागरूक करना और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना था।

इस रैली को डॉ. हेमशंकर शर्मा, डॉ. ज्योति चौधरी, आईएपी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह, मुख्य सलाहकार डॉ. विनय मिश्रा तथा संयोजक डॉ. कामरान फजल ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आईएपी के सदस्य, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ और अन्य चिकित्सक शामिल हुए।
रैली में शामिल प्रतिभागियों ने हाथों में स्लोगन वाली तख्तियां और बैनर लिए हुए थे। माइक के माध्यम से आम लोगों को बताया गया कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम पोषण है। इसमें मौजूद जीवित तत्व शिशु की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सीधे तौर पर मदद करते हैं। यह संपूर्ण, सहज और संक्रमण रहित आहार है, जिसे न तो गर्म करने की आवश्यकता होती है और न ही कोई अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।
जानकारों ने बताया कि मां का दूध शिशु के जन्म के समय और उसकी स्थिति के अनुसार बनता है। अगर बच्चा प्रीमैच्योर (समय से पूर्व जन्मा) है, तो दूध भी उसी अनुसार अनुकूल होता है। मां का दूध शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके सेवन से न केवल बच्चों को लाभ होता है, बल्कि माताओं को भी ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।

समाज में स्तनपान को लेकर व्याप्त कुछ गलतफहमियों को दूर करने की आवश्यकता है। इस दिशा में आईएपी पूरे देश में अभियान चला रही है, ताकि माताएं स्वयं अपने दूध को लेकर जागरूक हों और डॉक्टर भी इस विषय पर उन्हें पर्याप्त समय देकर समझाएं।
आईएपी के सचिव डॉ. सुदर्शन ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों, मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर मौजूद प्रमुख शिशु रोग विशेषज्ञों में डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ. आर.के. मिश्रा, डॉ. अंकुर प्रियदर्शी, डॉ. पवन यादव, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. कृष्ण मुरारी, डॉ. मिथिलेश तथा डॉ. आशुतोष रंजन शामिल रहे।













