



भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण पानी घुसने से स्थिति गंभीर हो गई है। इसके कारण छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्राएं हॉस्टल को छोड़कर अपने-अपने घरों की ओर लौट रही हैं। छात्राओं का कहना है कि पानी के कारण आने-जाने में काफी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। न केवल हॉस्टल में रहना कठिन हो गया है, बल्कि विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंचना भी अब चुनौतीपूर्ण हो गया है। इस स्थिति को लेकर छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है।

इधर, जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर राहत केंद्र और नाव की व्यवस्था भी की जाएगी। डॉ. चौधरी ने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इस संबंध में पूरी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं और विश्वविद्यालय कर्मियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बैठक की जाएगी और समस्या का समाधान ढूँढने के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय परिसर में शरण लेने वाले आसपास के इलाकों के लोगों के लिए भी उचित व्यवस्था की जाएगी।
स्थिति गंभीर बनी हुई है, और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। अब यह देखना होगा कि इस आपदा की घड़ी में विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन मिलकर किस तरह से राहत प्रदान करते हैं।













