



भागलपुर। मायागंज अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार उठते सवालों के बीच सोमवार को एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित सुरक्षा गार्ड गौरव कुमार ने बताया कि घटना उस समय हुई जब वह अस्पताल के मुख्य गेट पर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे।
गौरव कुमार के अनुसार, अस्पताल के गेट के पास अक्सर टोटो चालक अपने वाहन खड़े कर सवारी का इंतजार करते हैं, जिससे परिसर में अव्यवस्था फैलती है। सोमवार को एक चारपहिया वाहन अस्पताल से बाहर निकल रहा था। गेट पर खड़े टोटो से रास्ता अवरुद्ध हो रहा था। गार्ड ने जब टोटो चालक से वाहन हटाने का अनुरोध किया, तो वह अचानक गुस्से में आ गया और गौरव कुमार की कनपटी पर जोरदार घूंसा मार दिया।

हमले के बाद आरोपी युवक भागने लगा। गार्ड ने उसका पीछा किया, लेकिन वहीं मौजूद उसकी मां ने बीच-बचाव कर उसे भगा दिया। घटना के तुरंत बाद गौरव कुमार ने बरारी थाना में अज्ञात युवक के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
गार्ड का कहना है कि ड्यूटी के दौरान उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहती हैं। अक्सर कहा जाता है कि “अस्पताल के बाहर देख लेंगे।” उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में काम करना दिनों-दिन खतरनाक होता जा रहा है।

अब सवाल उठता है कि जब अस्पताल की सुरक्षा करने वाले गार्ड ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है। यह घटना अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और कमजोर सुरक्षा प्रबंधन पर भी सवाल खड़े करती है।
गौरव कुमार ने मांग की है कि अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए और टोटो चालकों की अनियंत्रित गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। साथ ही, मारपीट की घटना में शामिल युवक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।













